वाशिंगटन : केरल में जन्मीं नित्या रमन ने लॉस एंजिल्स के मेयर का चुनाव जीत लिया है। वह इस शहर का नेतृत्व करने के लिए चुनी जाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी बन गई हैं। मौजूदा मेयर करेन बास ने अपनी हार स्वीकार कर ली है और सत्ता के सुचारू हस्तांतरण का वादा किया है।
नित्या रमन की जीत ने इस अर्बन प्लानर और सिटी काउंसिल की सदस्य को अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर के नेतृत्व तक पहुंचा दिया है। वह इस शहर की पहली दक्षिण एशियाई मेयर भी बनेंगी। यह उनके उस राजनीतिक करियर में एक और अहम पड़ाव है, जिसकी शुरुआत 2020 में काउंसिल के लिए उनके चुने जाने से हुई थी।
रमन ने गुरुवार को 'एक्स' पर लिखा, "लॉस एंजिल्स, आपकी अगली मेयर बनना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है।"
स्थानीय समयानुसार, शाम 4:34 बजे अपडेट किए गए लॉस एंजिल्स काउंटी चुनाव के ताजा नतीजों के अनुसार, रमन को 460,772 वोट (52.70 फीसदी) मिले, जबकि बास को 413,519 वोट (47.30 फीसदी) मिले।
सुबह की गिनती में रमन की बढ़त 34,654 वोटों की थी, जो अब बढ़कर 47,253 वोटों तक पहुंच गई है। ये आंकड़े अभी अनौपचारिक हैं, क्योंकि चुनाव कर्मचारी मंगलवार को हुए मतदान के मतपत्रों की गिनती और प्रोसेसिंग का काम कर रहे हैं।
करेन बास द्वारा हार स्वीकार करने और रमन द्वारा जीत स्वीकार करने के बाद, यह मुकाबला उस चरण से आगे बढ़ गया है, जहां चुनौती देने वाली उम्मीदवार आगे थीं और नतीजों का इंतजार कर रही थीं।
बास ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "मैंने काउंसिल सदस्य रमन को बधाई देने के लिए फोन किया है। मैं सत्ता के सुचारू हस्तांतरण (ट्रांजिशन) के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं।"
निवर्तमान मेयर ने अपने समर्थकों को धन्यवाद दिया और कहा कि वह शहर के लिए काम करना जारी रखेंगी। वहीं, रमन ने बताया कि उन्होंने बास से बात की है और उनके नेतृत्व तथा दशकों की सेवा के लिए उनका आभार जताया है।
इन नई प्रतिक्रियाओं में एक तरफ जहां प्रवासियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि की बात सामने आई, वहीं दूसरी तरफ नवनिर्वाचित मेयर के सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर भी ध्यान दिलाया गया।
लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल की सदस्य एड्रिन नजारियन ने रमन को बधाई दी। उन्होंने इस बात का ज़िक्र किया कि वे दोनों ही अप्रवासी के तौर पर अमेरिका आए और यहां अपना नया जीवन बनाया।
उन्होंने काउंसिल डिस्ट्रिक्ट 4 का प्रतिनिधित्व करने से लेकर मेयर बनने तक के रमन के सफर को 'अमेरिकन ड्रीम' की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि वे बढ़ती लागत, मध्यम वर्ग पर दबाव, सार्वजनिक परिवहन और लॉस एंजिल्स में मनोरंजन उद्योग (एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री) से जुड़े काम को बनाए रखने जैसे मुद्दों पर रमन के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं।
नजारियन ने बास को भी उनकी जनसेवा के लिए धन्यवाद दिया। बास ने राज्य विधायक, कांग्रेसवुमन और शहर की पहली अश्वेत महिला मेयर के रूप में काम किया है।
लॉस एंजिल्स काउंटी के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी नाथन होचमैन ने रमन को बधाई दी और बास को धन्यवाद दिया। उन्होंने अपनी बात में 'जन सुरक्षा' (पब्लिक सेफ्टी) को सबसे अहम बताया।
उन्होंने एक बयान में कहा, "जन सुरक्षा सबकी साझा जिम्मेदारी है। मैं नए मेयर और उनकी टीम के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं, ताकि लॉस एंजिल्स के हर निवासी को सुरक्षित रखा जा सके।"
होचमैन ने कहा कि उनका कार्यालय तथ्यों, कानून और सबूतों के आधार पर ही मामलों की कार्यवाही जारी रखेगा। उन्होंने जन सुरक्षा के मुद्दे पर रमन के साथ मिलकर काम करने की पेशकश की और यह स्पष्ट किया कि चुनाव के नतीजों से उनके कार्यालय के काम करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं आएगा।
रमन का चुनाव अभियान मुख्य रूप से किफायती आवास, बेघर लोगों की समस्या और शहर की सुविधाओं में सुधार पर केंद्रित था। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने सड़कों के गड्ढों और स्ट्रीट-लाइट की बेहतर मरम्मत के साथ-साथ पुलिस व्यवस्था में बदलाव लाने का वादा किया था।
भारत में जन्मी रमन छह साल की उम्र में अपने परिवार के साथ अमेरिका आ गई थीं। उन्होंने हार्वर्ड से स्नातक किया और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से अर्बन प्लानिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। राजनीति में आने से पहले, उन्होंने बेघर लोगों की समस्याओं पर काम किया और 'सेलाह नेबरहुड होमलेस कोएलिशन' की सह-स्थापना की।
रमन 2020 में लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल के लिए चुनी जाने वाली पहली एशियाई-अमेरिकी महिला और पहली दक्षिण एशियाई बनीं। 2024 में वे फिर से चुनी गईं।