Wednesday, July 01, 2026
BREAKING
महिलाओं के बैंक खातों में आए 1000 रुपये पंजाब राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने समीक्षा बैठक में राशन डिपो, आंगनवाड़ी केंद्रों और मिड-डे मील व्यवस्था का लिया जायजा "11 वर्षों में डिजिटल क्रांति ने देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई सेवाएं और अवसर",बोले केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल SIR अभियान में खुद आगे आए CM सैनी, गणना प्रपत्र भरकर लोगों को दिया संदेश शिमला पुलिस ने 72 घंटों में सुलझाई चोरी की गुत्थी, ₹50 लाख के गहने बरामद...पंजाब की 2 शातिर महिलाएं गिरफ्तार पंजाब में बिजली संकट के बीच PSPCL ने बना दिए कंट्रोल रूम, जारी किया हेल्पलाइन नंबर पंजाब के सभी टोल प्लाजा होंगे Free, नोट कर लें तारीख, पढ़ें पूरी खबर बाढ़ पीड़ितों के लिए मसीहा बने Sonu Sood, 180 परिवारों के सिर पर फिर बनी छत पंजाब में आज से सभी सिविल सर्जन दफ्तरों के काम का तरीका बदला! अब छुट्टियां लेने के लिए... तख्त श्री हजूर साहिब कानून स्थगित, तरुण चुघ ने महाराष्ट्र सरकार का जताया आभार

दुनिया

नासा की बड़ी उपलब्धि: अंतरिक्ष में ही तैयार होगा IV फ्लूइड, लंबे मिशनों को मिलेगी नई ताकत

25 अप्रैल, 2026 12:58 PM

नई दिल्ली। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने अंतरिक्ष मिशनों के लिए एक अहम तकनीकी उपलब्धि हासिल की है। अब अंतरिक्ष में ही जरूरत के अनुसार इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड तैयार किया जा सकेगा। यह तकनीक लंबे समय तक चलने वाले मानवयुक्त मिशनों, खासकर चंद्रमा और मंगल ग्रह की यात्राओं के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।

नासा हर मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन में जीवन रक्षक तरल पदार्थ की थैलियां अपने साथ ले जाता है। इसे आईवी या इंट्रावेनस द्रव कहते हैं। सोडियम क्लोराइड और शुद्ध पानी का यह साधारण मिश्रण उड़ान के दौरान निर्जलीकरण, जलन और कई अन्य चिकित्सीय स्थितियों का इलाज कर सकता है। यह लगभग 30 प्रतिशत तक आम मेडिकल समस्याओं का उपचार करने में सक्षम है।

पृथ्वी की निचली कक्षा से आगे गहरे अंतरिक्ष में जाने वाले मिशन तीन साल या उससे ज्यादा समय तक चल सकते हैं। ऐसे लंबे सफर में चालक दल के स्वास्थ्य के लिए IV द्रव की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन समस्या यह है कि पहले से पैक किए गए IV द्रव की शेल्फ लाइफ सिर्फ 16 महीने तक ही होती है। इतनी कम अवधि वाली आपूर्ति को स्टॉक करना जटिल और जोखिम भरा होता है। इसी समस्या का समाधान निकालने के लिए नासा के ग्लेन रिसर्च सेंटर (क्लीवलैंड) के वैज्ञानिकों ने एक उन्नत तकनीक विकसित की है। यह तकनीक अंतरिक्ष में उपलब्ध पानी को जरूरत के अनुसार चिकित्सा योग्य IV द्रव में बदल सकती है। अब टीम इस प्रणाली के छोटे और हल्के संस्करण का परीक्षण इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर करने की तैयारी कर रही है।

इस परीक्षण के लिए आईवीजीईएन मिनी नामक सिस्टम नासा के नॉर्थ्रोप ग्रुम्मन कमर्शियल रीसप्लाई सर्विसेज-24 (एनजी सीआरएस-24) मिशन के जरिए 11 अप्रैल को अन्य सामान, प्रयोगों और हार्डवेयर के साथ स्पेस स्टेशन पर पहुंचाया गया था। यह सिस्टम IV फ्लूइड बनाकर यह साबित करेगा कि डिजाइन अंतरिक्ष की परिस्थितियों में ठीक से काम करता है।

यह सिस्टम स्पेस स्टेशन के पीने वाले पानी को एक बड़े बैग में भरकर काम करता है। बैग को आईवीजीईएन मिनी से जोड़ा जाता है। सिस्टम पानी को अच्छी तरह छानकर उसमें मौजूद कणों और खनिज आयनों को पूरी तरह हटा देता है। फिर यह शुद्ध पानी एक बैग में जाता है, जिसमें पहले से तय मात्रा में सोडियम क्लोराइड भरा होता है। दोनों को सही अनुपात में मिलाने पर रोगाणु रहित और चिकित्सा के लिए सुरक्षित IV द्रव तैयार हो जाता है।

नासा ग्लेन की इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट मैनेजर कर्टनी श्कुरको ने बताया कि लॉन्च के बाद मई में अस्थायी संचालन की योजना है। अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद दल दो दिनों तक इस सिस्टम को चलाएगा और लगभग 10 लीटर तरल पदार्थ तैयार करेगा। इसके बाद इस द्रव को पृथ्वी पर वापस लाकर उसकी जांच की जाएगी। जांच से पता चलेगा कि अंतरिक्ष में बने द्रव ने सभी जरूरी मानकों को पूरा किया है और इस्तेमाल के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।

आईवीजीईएन मिनी इस तकनीक का दूसरा और बेहतर संस्करण है। मूल आईवीजीईएन सिस्टम का प्रदर्शन 2010 में अंतरिक्ष स्टेशन पर किया गया था। वह प्रणाली काफी बड़ी थी, क्योंकि इसमें कई अतिरिक्त संवेदन उपकरण लगे थे। सफल परीक्षण के बाद टीम ने इसे छोटा, हल्का और ज्यादा कुशल बनाने का काम किया।

श्कुरको ने उदाहरण देते हुए कहा, “अगर मंगल ग्रह के मिशन में 100 लीटर IV फ्लूइड ले जाना हो तो एक लीटर के 100 बैग बहुत ज्यादा जगह घेरेंगे। वहीं आईवीजीईएन मिनी बहुत कम जगह लेता है। यह पहले से बैग ले जाने और एक्सपायर होने के जोखिम के बीच का बेहतर विकल्प है। छोटा उपकरण ले जाने और जरूरत के अनुसार द्रव बनाने का मतलब है कि फ्लूइड हमेशा ताजा और उपयोग योग्य रहेगा।”

सिस्टम की क्षमता इस आधार पर तय की गई है कि गहरे अंतरिक्ष में कौन-कौन सी मेडिकल घटनाएं हो सकती हैं और उनके इलाज के लिए कितना द्रव चाहिए। वर्तमान मॉडल प्रति घंटे 1.2 लीटर IV तरल तैयार कर सकता है।

 

Have something to say? Post your comment

और दुनिया खबरें

अफगानिस्तान एयरस्ट्राइक: तालिबान ने पाकिस्तान पर कर दिया हमला, घर में घुसकर मारे आतंकी

अफगानिस्तान एयरस्ट्राइक: तालिबान ने पाकिस्तान पर कर दिया हमला, घर में घुसकर मारे आतंकी

भारत में लगा है जापान का बहुत पैसा, किस राज्य में सबसे ज्यादा निवेश; PM का दौरा अहम क्यों

भारत में लगा है जापान का बहुत पैसा, किस राज्य में सबसे ज्यादा निवेश; PM का दौरा अहम क्यों

ग्रीस में UPI की शुरुआत, सुरक्षित और आसानी से पैसे हस्तांतरित कर सकते हैं कस्टमर्स

ग्रीस में UPI की शुरुआत, सुरक्षित और आसानी से पैसे हस्तांतरित कर सकते हैं कस्टमर्स

ट्रंप पीएम मोदी को अच्छा मित्र मानते हैं, भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध: राजदूत गोर

ट्रंप पीएम मोदी को अच्छा मित्र मानते हैं, भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध: राजदूत गोर

राष्ट्रपति ट्रंप भारत के साथ नई बोइंग डील पर दे रहे जोर: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

राष्ट्रपति ट्रंप भारत के साथ नई बोइंग डील पर दे रहे जोर: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अपने अंतिम चरण में है: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अपने अंतिम चरण में है: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

अराघची ने इराक के राष्ट्रपति और पीएम से की मुलाकात, ईरान-अमेरिका एमओयू और क्षेत्रीय स्थिरता पर की चर्चा

अराघची ने इराक के राष्ट्रपति और पीएम से की मुलाकात, ईरान-अमेरिका एमओयू और क्षेत्रीय स्थिरता पर की चर्चा

अमेरिका और ईरान फिलहाल रोकेंगे हमले, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दोहा में होगी बातचीत: रिपोर्ट

अमेरिका और ईरान फिलहाल रोकेंगे हमले, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दोहा में होगी बातचीत: रिपोर्ट

अफगानिस्तान: पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में मारे गए आम लोग, पूर्व राजदूत बोले- मतभेद सुझलाना नहीं चाहता इस्लामाबाद

अफगानिस्तान: पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में मारे गए आम लोग, पूर्व राजदूत बोले- मतभेद सुझलाना नहीं चाहता इस्लामाबाद

डब्ल्यूएचओ प्रमुख की चेतावनी: यूरोप में हीटवेव से हुईं 1300 से अधिक 'अतिरिक्त' मौतें

डब्ल्यूएचओ प्रमुख की चेतावनी: यूरोप में हीटवेव से हुईं 1300 से अधिक 'अतिरिक्त' मौतें