इंदौर इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल से हुई मौतों को लेकर एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई चल रही है। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि इस घटना ने शहर की छवि को बहुत नुकसान पहुंचाया है। इंदौर देश के सबसे साफ शहरों में से एक माना जाता है, लेकिन अब दूषित पेयजल की वजह से यह पूरे भारत में चर्चा का विषय बन गया है।
कोर्ट ने कहा कि पीने का पानी ही अगर दूषित हो, तो यह बेहद गंभीर चिंता का विषय है। हम इस मामले में मुख्य सचिव को सुनना चाहते हैं, क्योंकि यह समस्या सिर्फ शहर के एक हिस्से तक सीमित नहीं है। दरअसल, पूरे इंदौर शहर का पीने का पानी सुरक्षित नहीं है।
बता दें, दूषित पानी पीने से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी अस्पतालों में 110 मरीज भर्ती हैं। अब तक कुल 421 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया जा चुका है। इनमें से 311 मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। आईसीयू में 15 मरीजों का इलाज चल रहा है।
उल्टी-दस्त के 38 नए मामले सामने आए हैं। इनमें से 6 मरीजों को अरबिंदो हॉस्पिटल रेफर किया गया है।