चंडीगढ़ : हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने राज्य भर के सभी सिविल सर्जनों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को आगामी मानसून सीजन से पहले व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को उपयुक्त पेड़ों की प्रजातियों का बड़े पैमाने पर रोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य पर्यावरण को हरा-भरा बनाना और मरीजों, आगंतुकों (विजिटर्स) तथा स्वास्थ्य कर्मियों के लिए अधिक स्वस्थ माहौल तैयार करना है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि मानसून के आगमन के साथ ही पौधे जीवित रहने की उच्च दर के कारण वृक्षारोपण गतिविधियों के लिए स्थितियां आदर्श हो जाती हैं। इसलिए, विभाग ने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे योजनाबद्ध तरीके से इस वृक्षारोपण अभियान को चलाने के लिए स्थानीय प्रशासन और बागवानी विभागों के साथ मिलकर काम करें।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य संस्थानों को सलाह दी गई है कि वे बारहमासी स्थानीय प्रजातियों को प्राथमिकता दें, जिसमें घनी छाया देने वाले और सजावटी पेड़ शामिल हैं। ऐसी प्रजातियां न केवल अस्पताल परिसरों की सुंदरता को बढ़ाती हैं, बल्कि स्थानीय तापमान को कम करके, हवा की गुणवत्ता में सुधार करके और जैव विविधता को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक जिले को इस मानसून वृक्षारोपण अभियान के दौरान उपयुक्त प्रजातियों के कम से कम 1,000 पौधे लगाना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने और सरकारी संस्थानों को अधिक पर्यावरण-अनुकूल (ग्रीन) बनाने के राज्य के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं के आसपास हरियाली बढ़ाने से स्वच्छ और अधिक आरामदायक माहौल तैयार होता है, जिसका सार्वजनिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। पेड़ अत्यधिक गर्मी (हीट स्ट्रेस) को कम करने में मदद करते हैं, छाया प्रदान करते हैं और समग्र पारिस्थितिक संतुलन में योगदान देते हैं, जिससे स्वास्थ्य परिसर मरीजों के लिए अधिक अनुकूल बनते हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने आगे कहा कि जिला अधिकारियों को इस वृक्षारोपण कार्यक्रम को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और अभियान पूरा होने पर अनुपालन रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग इसकी बारीकी से निगरानी करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पूरे राज्य में वृक्षारोपण के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सके।