चीन और अमेरिका के बीच Trade Tension एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन के Rare Earth Minerals पर 100 % टैरिफ लगाने के ऐलान के बाद चीन ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है।
चीन ने दी सीधी चेतावनी
चीनी विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि अगर अमेरिका बीजिंग के सामानों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की योजना पर आगे बढ़ता है, तो चीन अपने हितों की रक्षा के लिए उचित और आवश्यक कदम उठाएगा। इस कदम से दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव काफी बढ़ गया है।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने एक मीडिया एजेंसी को कहा कि अमेरिका को अपनी 'गलत परंपराओं को तुरंत सुधारना' चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी कार्रवाई आपसी सम्मान, समानता और पारस्परिक लाभ पर आधारित होनी चाहिए।
कुल टैरिफ बढ़कर हुआ 130%
अमेरिकी राष्ट्रपति ने घोषणा की है कि चीन पर लगने वाला नया 100% टैरिफ और महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर पर यूएस नियंत्रण 1 नवंबर 2025 से प्रभावी होंगे। इस नए शुल्क के बाद अमेरिका में चीनी आयात पर कुल टैरिफ बढ़कर 130 % हो जाएगा। ट्रंप ने टैरिफ लगाने की योजना की पुष्टि करते हुए कहा, "हाँ... अभी तो यही है। देखते हैं क्या होता है।"
रेयर अर्थ पर नियंत्रण बढ़ा रहा चीन
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब चीन ने हाई-टेक उत्पादों के निर्माण के लिए आवश्यक रेयर अर्थ मिनरल्स के निर्यात पर अपने नियंत्रण को और कड़ा कर दिया है। दुनिया के करीब 90 % रेयर अर्थ मिनरल्स की प्रोसेसिंग चीन में होती है। इन खनिजों का उपयोग स्मार्टफोन से लेकर सोलर पैनल और सैन्य उपकरणों तक में होता है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिका पर चीन के खिलाफ निर्यात नियंत्रण उपायों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। चीन ने चेतावनी दी है कि टैरिफ बढ़ाने की धमकियां देकर चीन के साथ संबंध सुधरने के बजाए केवल बिगड़ेंगे।