नई दिल्ली : किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में शामिल होने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नई दिल्ली से रवाना हो गए हैं। राजनाथ सिंह रक्षा मंत्रियों की इस अंतरराष्ट्रीय बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। बिश्केक में आयोजित इस बैठक में एससीओ सदस्य देशों के रक्षा मंत्री क्षेत्रीय सुरक्षा, शांति और सहयोग से जुड़े कई विभिन्न महत्त्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि भारत यहां आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को स्पष्ट रूप से सामने रखेगा।
शंघाई सहयोग संगठन के सदस्यों में भारत, रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार बैठक के एजेंडे में अंतरराष्ट्रीय शांति को मजबूत करना व आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक रणनीति बनाना शामिल है। इसके अलावा सदस्य देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाना भी प्रमुख रूप से एजेंडे का हिस्सा है। ईरान-अमरीका के बीच जारी तनाव के कारण मौजूदा समय में पश्चिम एशिया में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। ईरान की जिद और अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तेहरान को बर्बाद करने की धमकियों के बीच इस स्थिति से पैदा हुए भू-राजनीतिक तनाव के कारण यह बैठक और भी महत्त्वपूर्ण हो गई है। संभावना है कि सदस्य देश इस संकट के प्रभाव को कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर भी चर्चा करेंगे।
आतंकवाद का मुद्दा उठाएगा भारत
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस मंच पर भारत की वैश्विक शांति के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराएंगे। साथ ही, वे आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस की नीति को स्पष्ट रूप से सामने रखेंगे। दरअसल भारत लगातार यह मानता रहा है कि आतंकवाद किसी भी रूप में मानवता के लिए खतरा है और इसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के दौरान रक्षा मंत्री विभिन्न देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं भी कर सकते हैं। इन बैठकों में रक्षा सहयोग को और मजबूत करने, सामरिक साझेदारी बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है।