हिसार : हिसार में पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में सैनी सरकार पर हमला बोलते हुए सांसद जयप्रकाश ने कहा कि मुझे यह सुनकर हैरानी हुई कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि मैं हिसार में गया। मैंने वहां ग्रामीणों की बात सुनी और इन बातों के आधार पर हम बजट बनाएंगे। यह कितना बड़ा ड्रामा है। जेपी ने कहा कि प्री-बजट बैठक में किसान दो बात पूछना चाहते थे। पहली क्या भविष्य में बाढ़ के पानी से बचाने के लिए कोई ड्रेन बनाई जाएगी और दूसरी बाढ़ से खराब फसलों का मुआवजे का पैसा कब आएगा। मगर बजट बैठक में किसानों ने सवाल पूछे तो उनको बैठा दिया।
जेपी ने कहा कि एक किसान ने जब बीज की बात कही तो कहा यह बैठक का विषय नहीं है। मैं कहता हूं मुख्यमंत्री फिर हिसार में करने क्या आए थे। इस बैठक में किसानों की जगह प्रशासनिक अधिकारियों को बैठा दिया गया। आज प्रदेश में कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, किसान व मजदूर पर आज के समय में मार पड़ रही है।
जेपी ने कहा कि हरियाणा में कानून व्यवस्था की स्थिति चौपट हो चुकी है। चाहे पुलिस अधिकारी से बदतमीजी की बात हो या आम नागरिक की कोई सुरक्षित नहीं है। जब शहर में व्यापारिक प्रतिष्ठान पर गोली चली हो, व्यापारी को धमकी दी जा रही हो, महिलाओं के साथ यौन शोषण के केस हो। तो समझो प्रदेश में कानून व्यवस्था खत्म हो चुकी है। क्योंकि सरकार का नियंत्रण अधिकारियों पर नहीं रहा। इसका मूल कारण प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास गृह मंत्रालय व वित्त मंत्रालय होना।
पूर्व विधायक रामनिवास घोड़ेला के आरोपों के जवाब में जेपी ने कहा कि जनता सब जानती है जेपी क्या है। प्रजातंत्र में जनता हमारा आइना है। अगर जेपी की शक्ल देखकर माथे पर लकीरें आ जाए तो समझो जेपी बढ़िया है। अगर जनता को देखकर मेरी आंखें चढ़ जाएं कहां से आ गया ये तो समझो मेरी शक्ल खराब है। जेपी से जनता खुश होनी चाहिए और वो नहीं।