केंद्र सरकार ने कहा है कि ‘कॉरपोरेट मित्र’ (Corporate Mitras) योजना का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक एवं अनुपालन (Compliance) सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही यह योजना युवाओं को उद्योग से जुड़ा व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर प्रशिक्षित पैरा-प्रोफेशनल तैयार करने पर भी केंद्रित है।
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स (IICA), शिलांग ने अरुणाचल प्रदेश के युवाओं, छात्रों, MSME, पेशेवरों और उद्यमियों के बीच इस योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक वेबिनार का आयोजन किया।
सरकारी बयान के अनुसार, यह योजना विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों के MSME को सशक्त बनाने के लिए तैयार की गई है, ताकि वे ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में प्रभावी योगदान दे सकें।
सरकार का मानना है कि यह पहल विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र में MSME पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।
योजना के तहत मान्यता प्राप्त ‘कॉरपोरेट मित्र’ स्थानीय उद्यमों को नियामकीय अनुपालन, वित्तीय प्रबंधन, कराधान (Taxation), लेखांकन (Accounting) और कॉरपोरेट गवर्नेंस जैसे गैर-प्रमुख व्यावसायिक कार्यों में पेशेवर सहायता देंगे। इससे MSME अपने मुख्य व्यवसाय, नवाचार और विस्तार पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
योजना के पहले चरण में देशभर में 2,000 प्रतिभागियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें 200 प्रतिभागी विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र से होंगे। पूर्वोत्तर राज्यों के उम्मीदवारों को पंजीकरण शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी।
पूर्वोत्तर क्षेत्र में योजना के क्रियान्वयन और समन्वय के लिए IICA शिलांग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। यह संस्था राज्य सरकारों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ मिलकर योजना के संचालन में सहयोग करेगी।
सरकार के अनुसार, कॉरपोरेट मित्र योजना MSME के लिए एक मजबूत सहायता तंत्र विकसित करेगी। इससे छोटे उद्यमों को प्रशिक्षित, मान्यता प्राप्त और भरोसेमंद पेशेवरों की सेवाएं मिलेंगी, जिससे उनका कारोबार अधिक संगठित, टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी बन सकेगा।