प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। भारतीय जनता पार्टी इस विशेष अवसर को ‘सेवा संकल्प’ के रूप में मनाने की तैयारी में है। इसी क्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विभिन्न योजनाओं की सराहना की है। महिलाओं ने विशेष रूप से ‘लखपति दीदी’ पहल को ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
उत्तर प्रदेश के चंदौली में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखी है। कभी रोजगार की तलाश में रहने वाली महिलाएं आज खुद कारोबार कर रही हैं और दूसरी महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं। यहां ओडीओपी योजना के तहत शुरू हुआ जरी-जरदोजी का काम अब करीब 11 मुस्लिम परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बन चुका है।
स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि पहले उन्हें घर चलाने में काफी मुश्किलें आती थीं, लेकिन सरकारी योजनाओं से जुड़ने के बाद अब वे आत्मनिर्भर बन गई हैं। समूह की लाभार्थी रेखा कुमारी ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है।
समूह की अध्यक्ष अफशाना और सदस्यों आशिया और परवीन ने बताया कि अब वे खुद कमा रही हैं और अपने परिवार को आर्थिक सहयोग दे रही हैं। पीएम मोदी के जन्मदिन के अवसर पर इन सभी महिलाओं ने प्रधानमंत्री को बधाई दी और कहा कि उनकी योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं को नई पहचान दी है।
वहीं ओडिशा के क्योंझर जिले के गोविंदपुर गांव की ज्योत्सना रानी महंता भी ‘लखपति दीदी’ योजना की सफलता की मिसाल हैं। ज्योत्सना ने बताया, “मैं क्योंझर के गोविंदपुर गांव की एक लखपति दीदी हूं। मुझे लखपति दीदी योजना के तहत एक लाख रुपए का लोन मिला। पहले मुझे घर चलाने में बहुत मुश्किल होती थी। लेकिन अब मैंने सिलाई मशीन खरीद ली है, उस पर काम करती हूं और अच्छी कमाई करती हूं, जिससे मेरा घर आसानी से चल रहा है।”
उन्होंने कहा, “इसके लिए मैं प्रधानमंत्री का दिल से धन्यवाद करती हूं और ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि उन्हें लंबी उम्र दें ताकि वे लंबे समय तक देश की सेवा करते रहें।” राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत देश भर में करोड़ों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर लखपति दीदी बनने की ओर अग्रसर हैं। सरकार का लक्ष्य 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है, जो ग्रामीण भारत में महिला सशक्तिकरण की सबसे बड़ी कहानी बन रही है।(