पंचकूला : उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा ने आज लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित जिला जल एवं सीवरेज मिशन की तीसरी बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है और जल के दुरुपयोग को रोककर तथा उसके उचित उपयोग से हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षित कर सकते हैं।
बैठक में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता समीर शर्मा और जिला सलाहकार आरजू चौधरी ने जिला जल एवं सीवरेज मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा खंड स्तर पर पंचायती राज संस्थाओं और अन्य संबंधित हितधारकों के लिए जल संरक्षण तथा जल के दुरुपयोग को रोकने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। बरवाला, मोरनी, पिंजौर और रायपुररानी में कुल 11 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर 462 लोगों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को ग्राम स्तर पर अन्य लोगों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि जल संरक्षण को जन-जागरूकता अभियान का रूप दिया जा सके।
ग्राम स्तर पर गठित वीडब्ल्यूएससी (विलेज वाइज सेनिटेशन कमेटी)/पानी समितियों के नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। चारों खंडों में कुल 138 बैठकों के माध्यम से 1314 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया। ग्राम स्तरीय सेनिटेशन कमेटी/पानी समितियों में कुल सदस्यों में से 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
बैठक में यह भी बताया गया कि ग्राम स्तर पर लोगों को पानी के महत्व, पानी की टेस्टिंग और अन्य गतिविधियों के प्रति जागरूक करने तथा जल संरक्षण अभियान में अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जल चौपाल आयोजित की जा रही हैं। अब तक चारों खंडों में 138 जल चौपालों का आयोजन किया गया, जिनमें 5633 लोगों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर स्कूलों में भी बच्चों को जागरूक करने के उद्देश्य से गतिविधियां आयोजित की गई हैं। इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्र के सभी स्कूलों को कवर किया जा चुका है।
वीलेज वाइज सेनिटेशन कमेटियों को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सभी 135 समितियों का पुनर्गठन किया गया है। इनमें बरवाला में 24, रायपुररानी में 43, मोरनी में 26 और पिंजौर में 42 समितियां शामिल हैं। प्रत्येक समिति में 50 प्रतिशत महिला सदस्यों तथा दो स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि जिले ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक पानी के सैंपलों की जांच कर उपलब्धि हासिल की है। जिला लैब पंचकूला और सब-डिविजन लैब कालका के लिए 6,000 पानी के सैंपलों की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध 8,646 सैंपलों की जांच की गई।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त निशा यादव, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी विशाल पराशर, जिला समाज कल्याण अधिकारी विशाल सैनी, जिला कार्यक्रम अधिकारी , महिला एवं बाल विकास विभाग डॉ. सविता नेहरा, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अरविंद, पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता शिव भारद्वाज, उप जिला शिक्षा अधिकारी रमेश बत्रा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जसबीर सिंह तथा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर नरेंद्र मोदगिल सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।