दलाल स्ट्रीट पर बुधवार को बड़ी राहत देखने को मिली। अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष में दोनों पक्षों द्वारा दो सप्ताह के सीजफायर की घोषणा के बाद शेयर बाजार में जोरदार तेजी आई और प्रमुख सूचकांक 3 प्रतिशत से अधिक उछल गए।
सेंसेक्स 3.71 प्रतिशत या 2,775 अंक बढ़कर 77,392 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 3.52 प्रतिशत या 815 अंक चढ़कर 23,938 पर कारोबार करता दिखा। इस तेजी में ऑटो, रियल्टी, बैंकिंग, आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
सभी सेक्टरों में रिकवरी देखने को मिली और वे हरे निशान में कारोबार करते दिखे। सेक्टोरल आधार पर रियल एस्टेट, ऑटो, बैंकिंग और फार्मा शेयरों में 6 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।
कैटेगरी के हिसाब से स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स टॉप गेनर्स रहे, जबकि लार्जकैप में भी बढ़त रही। इस बीच इंडिया VIX में 19 प्रतिशत की गिरावट आई, जो बाजार में कम होती घबराहट का संकेत है।
इसके अलावा, ट्रेडर्स और निवेशक दिन में बाद में आने वाले भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले पर नजर बनाए हुए हैं।
मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगभग 8,692 करोड़ रुपये के शुद्ध विक्रेता रहे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने करीब 7,980 करोड़ रुपये का निवेश कर बाजार को सहारा दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “यदि ईरान होरमुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत होता है, तो मैं दो सप्ताह के लिए ईरान पर बमबारी और हमले रोकने के लिए सहमत हूं। यह दोनों तरफ से सीजफायर होगा।”
वैश्विक स्तर पर एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला।
एशियाई बाजारों में निक्केई 5.60 प्रतिशत, हैंग सेंग 3.08 प्रतिशत और कोस्पी 6.36 प्रतिशत तक बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे।
अमेरिका में वॉल स्ट्रीट लगभग सपाट बंद हुआ। एसएंडपी 500 0.08 प्रतिशत या 5 अंक की बढ़त के साथ 6,616 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक 0.03 प्रतिशत या 5.59 अंक की हल्की गिरावट के साथ 21,990 पर बंद हुआ।
वहीं, तेल बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 15.91 प्रतिशत या 17.39 डॉलर गिरकर 91.88 डॉलर पर पहुंच गया।