नई दिल्ली: भारत ने इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर का स्वागत किया और कहा कि भारत पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर रखे हुए है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम सकारात्मक है और उसका स्वागत किया जाना चाहिए। वहीं, भारत ने एक बार फिर शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर अपना रुख दोहराया है और कहा है कि इस मुद्दे पर उसका स्टैंड पहले जैसा ही है। पाकिस्तान की भूमिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में जारी हालात पर कड़ी नजर रखे हुए है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि शेख हसीना के प्रत्यर्पण से जुड़ी एक याचिका पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि याचिका की समीक्षा की जा रही है, जो हमारी न्यायिक और आंतरिक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि चल रही न्यायिक और आंतरिक कानूनी प्रक्रियाओं के तहत एक अनुरोध (शेख हसीना के प्रत्यर्पण) की जांच की जा रही है। हम सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ इस मुद्दे पर रचनात्मक रूप से बातचीत जारी रखेंगे। हम सभी घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। मैं यह भी दोहराना चाहूंगा कि विदेश मंत्री ने नई सरकार के साथ रचनात्मक रूप से बातचीत करने और अमरीकी मूल्यों को और मजबूत करने की भारत की इच्छा को दोहराया।
क्षेत्रीय देशों को ऊर्जा आपूर्ति में लगातार दे रहे सहयोग
ऊर्जा आपूर्ति पर भारत का रुख साफ करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी चुनौतियों के बीच भारत ने कहा है कि वह क्षेत्रीय देशों को ऊर्जा आपूर्ति में लगातार सहयोग दे रहा है, साथ ही अपनी घरेलू जरूरतों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। हमने मार्च में बांग्लादेश को 22,000 मीट्रिक टन हाई-स्पीड डीजल उपलब्ध कराया। श्रीलंका के संबंध में हमने पिछले महीने उन्हें 38,000 मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पाद भेजे। एक हफ्ते पहले हमारे विदेश मंत्री ने मॉरीशस का दौरा किया था।