कानपुर: कानपुर में साढू-कुडनी मार्ग पर बरईगढ़ गांव के पास रामगंगा नहर पर अंग्रेजों के जमाने का बना पुल रविवार तड़के टूट कर नहर में गिर गया। गनीमत रही कि मौके पर कोई मौजूद नहीं था। बड़ा हादसा बच गया । ग्रामीणों का आरोप है कि नहर विभाग की लापरवाही से यह हादसा हुआ है। अंग्रेजों के जमाने का बना पुल टूट कर रामगंगा नहर में गिरा, सामने आई बड़ी लापरवाही उत्तर प्रदेश के कानपुर में साढू-कुडनी मार्ग पर बरईगढ़ गांव के पास रामगंगा नहर पर अंग्रेजों के जमाने का बना पुल रविवार तड़के टूट कर नहर में गिर गया। हादसे के दौरान मौके पर किसी की मौजूदगी न होने के कारण बड़ा हादसा बच गया । ग्रामीणों का आरोप है कि नहर विभाग की लापरवाही से यह हादसा हुआ है। पुल कई दशक पुराना था और काफी जर्जर हो चुका था। इसकी रेलिंग सालों पहले टूट चुकी थी। जाहिर है यह चलने लायक नहीं रह गया था लेकिन फिर भी इस पर लोगों का आवागमन जारी था। हादसे के साथ ही नहर विभाग की लापरवाही भी सामने आ गई है।
बता दें कि रामगंगा नहर पर बने इस पुराने पुल के पास ही कुछ महीनों से नए पुल का निर्माण भी जारी है। लोगों का कहना है कि नए पुल के किनारे की कोठियों से लोहे का पाड़ अभी तक नहीं हटवाया गया था, जिससे वहां पर बहुत कूड़ा जमा हो गया है। नए पुल की सिर्फ बीच वाली कोठी से पानी निकलता है। निकास संकरा होने से बहाव तेज हो गया था। बीते दिनों नहर में पानी और छोड़ा गया तो बहाव और तेज हो गया। रविवार तड़के इसी दबाव में बगल में ही स्थित पुराने पुल की बीच की कोठियां टूटकर गिर पड़ी।
ग्रामीणों के मुताबिक शनिवार को ही सीडीओ अभिनव जे जैन और नहर विभाग के अधिकारियों ने मौके पर निरीक्षण किया था। लेकिन, तब भी किसी का ध्यान नहीं गया। नए पुल से पानी की सुचारू निकासी न होने से करीब 20 दिन पहले नहर फट भी गई थी। लोगों का आरोप है कि विभाग के अधिकारी लगातार स्थिति को नजरअंदाज करते रहे। अगर समय से सफाई की गई होती तो पुल नहीं टूटता।