पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में विरोध प्रदर्शन और हिंसा का दौर जारी है। बुधवार को बाग जुले के धीरकोट में सेना ने प्रदर्शनकारियों पर सीधी गोली चलाई, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा कई अन्य घायल हुए हैं।जानकारी के अनुसार, ताजा अशांति में कुल आठ लोग मारे गए हैं और 100 से अधिक घायल हुए हैं। बाग के धीरकोट में 4 व कोहाला के पास ददयाल, मीरपुर, चमयाती और मुजफ्फराबाद में 2-2 लोग मारे गए।
कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच पथराव और झड़प हुई। तीन दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन में अब तक कुल 10 लोगों की मौत हो चुकी है। नागरिक महंगाई, बुनियादी अधिकारों की कमी और शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर मुजफ्फराबाद तक मार्च कर रहे हैं। PoK में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं रविवार दोपहर से निलंबित हैं। सोमवार को ‘शटर डाउन’ और ‘चक्का जाम’ हड़ताल के कारण आम जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस दौरान कई जगह सेना और स्थानीय लोग आमने-सामने आए। मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने दर्जनों पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया और उनके हथियार छीन लिए।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 विधानसभा सीटों की समाप्ति।
अभिजात वर्ग के विशेषाधिकारों की वापसी।
सड़क परियोजनाओं का निर्माण।
करों में राहत और बिजली-आटे पर सब्सिडी।
शरणार्थियों के लिए नौकरी कोटा समाप्त करना।
न्यायपालिका और शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार।
क्यों बढ़ रहा विरोध
प्रदर्शन महंगाई पर शुरू हुआ था, लेकिन अब इसमें कश्मीरियों के विशेषाधिकार, आरक्षित सीटों की समाप्ति और बुनियादी अधिकारों की मांग भी जुड़ गई है। लगातार हो रही हिंसा और ब्लैकआउट के चलते आम जीवन पटरी से उतर गया है।