भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने पहली पारी में दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजी क्रम को धराशायी करने में अहम भूमिका निभाई। सिराज ने लगातार बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए अफ्रीका के बल्लेबाजों को संभलने तक का मौका नहीं दिया। पिछले मैच में शतकीय पारी खेलने वाले डीन एल्गर के खिलाफ एक खास रणनीति के साथ गेंदबाजी की और उनको पारी की शुरुआती में पैवेलियन का रास्ता दिखाया। इसके बाद भारत ने अफ्रीकी बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने तक का मौका नहीं दिया और लगातार अंतराल पर विकेट चटकाते रहे। सिराज ने पहले दिन लगातार नौ ओवर के अपने पहले स्पैल में 15 रन देकर छह विकेट झटककर करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
रोहित शर्मा
भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा का साउथ अफ्रीका में टेस्ट सीरीज जीतने का सपना अधूरा रह गया, लेकिन वह सीरीज ड्रॉ करवाने में कामयाब रहे। रोहित शर्मा ने बल्ले के साथ कैप्टेंसी में भी काफी समझादारी दिखाई। पहली पारी में सिराज को लगातार नौ ओवर का स्पैल करवाना हो या पहला विकेट जल्दी गिरने के बाद नए बल्लेबाज के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाना हो, रोहित ने अपने रोल बखूबी निभाया है। रोहित ने पहली पारी में 50 गेंद में 39 रन की पारी खेली, जबकि दूसरी पारी में वह अंत तक डटे रहे और नाबाद 17 रन बनाए।
विराट कोहली
पहले मैच में भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली एकमात्र ऐसे बल्लेबाज रहे थे, जिन्होंने अफ्रीका के गेंदबाजों का डटकर सामना किया था और इस मैच की पहली पारी में भी विराट एक छोर पर डटे हुए थे। उन्होंने शुभमन गिल और फिर केएल राहुल के साथ मिलकर साझेदारी की और टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। विराट कोहली ने दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में 59 गेंद में 46 रन और दूसरी पारी में 12 रन का योगदान दिया।
जसप्रीत बुमराह
पहली पारी में दो विकेट चटकाने वाले जसप्रीत बुमराह ने दूसरी पारी में कहर बरपाया। दूसरे दिन के खेल की शुरुआत में ही बुमराह ने काफी आक्रमक गेंदबाजी की, जिसके कारण अफ्रीका के बल्लेबाज बड़ी साझेदारी निभाने में नाकामयाब रहे। एडन मार्करम एक छोर से धुआंधार बल्लेबाजी कर रहे थे, लेकिन बुमराह दूसरी छोर से लगातार विकेट चटका रहे थे। बुमराह ने दूसरी पारी में 13.5 ओवर में छह विकेट लेकर 61 रन दिए।
मुकेश कुमार
टेस्ट फॉर्मेट में अपना दूसरा मैच खेलने वाले मुकेश कुमार ने दोनों पारियों में गेंद से अन्य गेंदबाजों का अच्छा साथ दिया। इस मैच में उन्होंने कुल चार विकेट चटकाए। पहली पारी में उन्होंने निचले क्रम के बल्लेबाजों को पैवेलियन का रास्ता दिखाया, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने डीन एल्गर और टोनी जॉर्जी जैसे बड़े बल्लेबाजों का विकेट चटकाकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था। दूसरे मैच में शार्दुल ठाकुर की जगह मुकेश को खेलने का मौका मिला था।