चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया की समय-सीमा 7 दिन के लिए बढ़ा दी है।इससे पहले SIR पूरी करने की अंतिम तिथि 4 दिसंबर थी, जिसे अब 11 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दिया गया है। यह कदम मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए लिया गया है।
कौन-कौन से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विस्तार
इस विस्तार में अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
SIR प्रक्रिया का नया शेड्यूल
1. एन्यूमरेशन पीरियड (घर-घर सत्यापन) – 11 दिसंबर 2025 तक
2. बूथों का पुनर्गठन/पुनर्व्यवस्था – 11 दिसंबर 2025 तक
3. कंट्रोल टेबल अपडेट और ड्राफ्ट रोल तैयार करना – 12 से 15 दिसंबर 2025
4. ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल का प्रकाशन – 16 दिसंबर 2025
5. दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि – 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026
6. नोटिस फेज (नोटिस, सुनवाई, सत्यापन, निर्णय) – 16 दिसंबर 2025 से 7 फरवरी 2026 तक
इसका मतलब क्या है?
मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने, सुधार करने या हटाने वालों को अब अधिक समय मिलेगा।
BLO और ERO स्तर पर फील्ड वेरिफिकेशन और सुनवाई का समय बढ़ गया है।
आयोग का लक्ष्य है कि अंतिम मतदाता सूची अधिक सटीक और भरोसेमंद तरीके से तैयार हो।
यह विस्तार मतदाता सूची को अधिक व्यवस्थित और त्रुटि-मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।