नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने चंद हफ्ते पहले ही अपने सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट खिलाडिय़ों के लिए घरेलू रेड बॉल टूर्नामेंट में अनिवार्य रूप से खेलने का नियम बनाया था। अब कैश रिच टी-20 टूर्नामेंट आईपीएल से ठीक पहले एक और बड़ा फैसला लेने वाली है। बीसीसीआई टेस्ट मैच की फीस बढ़ाने का विचार कर रही है, जिससे प्लेयर्स क्रिकेट के सबसे पुराने और लंबे फॉर्मेट के प्रति आकर्षित हो और पहले से ज्यादा फोकस करें। सूत्रों की माने तो बोर्ड ने विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन द्वारा घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए टीम मैनेजमेंट के निर्देश को नजरअंदाज करने और इसके बजाय अगले महीने से शुरू होने वाले आईपीएल की तैयारी करने का विकल्प चुनने के मद्देनजर वेतन संरचना को फिर से तैयार करने का फैसला किया है। बीसीसीआई उस अतिरिक्त बोनस पर काम कर रहा है, जो एक खिलाड़ी को एक सीजन में सभी टेस्ट सीरीज खेलने पर मिलेगा। वर्तमान में, बीसीसीआई प्रति टेस्ट मैच फीस के रूप में 15 लाख रुपए, प्रति वनडे 6 लाख रुपए और टी-20 अंतरराष्ट्रीय के लिए तीन लाख रुपए का भुगतान करता है।
आईपीएल के बाद आएगा नया स्ट्रक्चर
नए फीस मॉडल के बारे में बताते हुए बोर्ड के एक सूत्र ने कहा, उदाहरण के लिए, यदि कोई एक कैलेंडर ईयर में सभी टेस्ट सीरीज खेलता है, तो उसका सालाना कॉन्ट्रेक्ट बढ़ाने के अलावा, अतिरिक्त पुरस्कार दिया जाना चाहिए। इस फैसले का एकमात्र मकसद यही सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ी ज्यादा से ज्यादा रेड बॉल क्रिकेट खेले। यह टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए एक एक्स्ट्रा लाभ होगा। यदि नए पारिश्रमिक मॉडल को मंजूरी मिल जाती है, तो इसे इस आईपीएल सीजन के बाद लागू किया जाएगा।
तेज-स्पिन गेंदबाजों को खोजेगा एचपीसीए का टेलेंट हंट प्रोग्राम
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में अब उभरती हुई युवा प्रतिभाओं को क्रिकेट के क्षेत्र में आगे बढऩे का मौका मिल पाएगा। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से तेज़ व स्पिन गेंदबाजों की खोज को लेकर टेलेंट हंट प्रोग्राम करवाया जाएगा। इसके तहत अंडर-20 युवक-युवतियों के प्रदेश भर के पांच स्थानों में ट्रायल करवाए जाएंगे। इसमें पहला ट्रायल 15 मार्च को शिमला में एचपीसीए के गुम्मा कोटखाई क्रिकेट स्टेडियम, 17 मार्च को मंडी के एमएसएलएम कॉलेज मैदान सुंदरनगर, 19 मार्च को ऊना के इंदिरा स्टेडियम ऊना व 21 मार्च को कांगड़ा के रेनबो इंटरनेशनल स्कूल नगरोटा बगवां में ट्रायल लिए जाएंगे।
चयनित खिलाडिय़ों को एचपीसीए की ओर से भविष्य में बेहतरीन क्रिकेटर बनने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। वर्तमान में एचपीसीए के 53 सब-सेंटर और नौ जिला स्तरीय एकेडमी चलाई जा रही हैं। इनमें लगभग 1800 पुरुष और महिला खिलाडिय़ों को भविष्य की क्रिकेटर बनने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। ट्रायल में भाग लेने वाले उम्मीदवारों की आयु 20 वर्ष से कम होनी चाहिए। पहली सिंतबर, 2004 के बाद जन्मे युवक-युवतियां ही ट्रायल में भाग ले पाएंगे। एचपीसीए के महासचिव अविनेश परमार ने बताया कि युवाओं को तराशने के लिए टेलेंट हंट प्रोग्राम फॉर फास्ट एंड स्पिन बॉलर शुरू किया जा रहा है।