तियानजिन (चीन), : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) सात साल के लंबे अंतराल के बाद चीन पहुंच गए हैं। अब वह यहाँ 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation - SCO) के अब तक के सबसे बड़े शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
अपनी दो दिवसीय जापान यात्रा समाप्त करने के बाद पीएम मोदी सीधे तियानजिन पहुंचे हैं, जहाँ उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping), रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) और अन्य सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं से होगी।
'सार्थक चर्चाओं को लेकर उत्साहित हूँ' - PM मोदी
चीन पहुंचने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के जरिए अपनी यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, "मैं अभी तियानजिन पहुंचा हूं। शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में सार्थक चर्चाओं और विभिन्न देशों के नेताओं से मुलाकात को लेकर बेहद उत्साहित हूँ।"
क्यों खास है यह SCO समिट?
यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब पूरी दुनिया कई बड़े संकटों से जूझ रही है:
1. वैश्विक संघर्ष: रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) और इजराइल-हमास संघर्ष (Israel-Hamas conflict) अभी भी जारी हैं, जिससे दुनिया में तनाव का माहौल है।
2. एशिया में तनाव: दक्षिण एशिया और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर तनाव बना हुआ है।
3. अमेरिका का ट्रेड वॉर: अमेरिका में ट्रंप की वापसी के बाद एक ग्लोबल ट्रेड वॉर (Global Trade War) छिड़ गया है, जिससे अमेरिका के संबंध कई देशों से खराब हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन परिस्थितियों के बीच, यह शिखर सम्मेलन चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए खुद को एक बड़ी वैश्विक शक्ति (Global Power) के रूप में स्थापित करने का एक सुनहरा मौका है।
क्या है SCO? एशिया का बड़ा मंच
साल 2001 में बने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में अब 9 सदस्य देश हैं: चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और ईरान। इसके अलावा बेलारूस, अफगानिस्तान और मंगोलिया इसके ऑब्जर्वर (Observer) देश हैं। यह संगठन एशिया में राजनीति, सुरक्षा और व्यापार के लिहाज से एक बहुत ही महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।
मोदी और जिनपिंग की पिछली मुलाकातें
इस शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात पर भी सबकी नजरें रहेंगी। दोनों नेताओं की आखिरी मुलाकात अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में हुई ब्रिक्स (BRICS) समिट के दौरान हुई थी, जहाँ दोनों के बीच द्विपक्षीय बातचीत भी हुई थी। वहीं, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आखिरी बार 2019 में भारत आए थे, जब उन्होंने तमिलनाडु के महाबलीपुरम में पीएम मोदी से मुलाकात की थी।