चंडीगढ़ : हरियाणा को नशामुक्त करने और प्रदेश की युवा शक्ति को नशे के चंगुल से बचाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को ‘संकल्प’ (SANKALP) सोसायटी की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए एक व्यापक और समन्वित रणनीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ सरकार के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है ताकि प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहे और नशे की समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। मुख्यमंत्री ने प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए सात प्रमुख संकल्पों पर विशेष रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। इनमें ड्रग मुक्त थाना क्षेत्र बनाना, तस्कर मुक्त जिला सुनिश्चित करना, नशे की गोलियों से मुक्त केमिस्ट शॉप, नशे के विरुद्ध परिवार का सहयोग, इलाज युक्त अस्पताल, सुविधा युक्त स्कूल, जहां नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता, विद्यार्थियों की काउंसलिंग और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए खेल एवं सकारात्मक गतिविधियों के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराना। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है—‘नशा मुक्त हरियाणा, युवाओं के भविष्य को बचाना।’ उन्होंने निर्देश दिए कि नशे की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते समय केवल नशा बेचने वाले व्यक्ति तक सीमित न रहा जाए, बल्कि यह भी पता लगाया जाए कि उसके पास नशीले पदार्थ कहां से पहुंचे और इसके पीछे कौन-सा नेटवर्क सक्रिय है। नशे की आपूर्ति के स्रोतों, तस्करी के नेटवर्क पर कड़ी निगरानी रखी जाए। पुलिस के सहयोग से नशा तस्करों के विरुद्ध प्रभावी जांच और समुचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संकल्प सोसायटी हर माह देगा नशा मुक्ति अभियान के परिणामों की रिपोर्ट, प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी होगी तय
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट एवं सख्त निर्देश दिए कि संकल्प सोसायटी को हर माह अपने कार्यों के ठोस परिणाम प्रस्तुत करने होंगे। यह भी आकलन किया जाएगा कि नशे की उपलब्धता कम करने, युवाओं को उपचार से जोड़ने और नशे की ओर दोबारा लौटने की प्रवृत्ति रोकने में कितनी सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मैराथन, साइक्लोथोन और अन्य जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर रही है। लेकिन अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि नशे की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। संकल्प सोसायटी को यह भी निगरानी करनी होगी कि कितने युवाओं को नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचाया गया, कितने युवाओं ने अपना उपचार पूरा किया और उपचार के बाद वे दोबारा नशे की गिरफ्त में न आएं। इसके लिए उपचार के साथ-साथ निरंतर निगरानी, पुनर्वास और परिवार के सहयोग पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति तक सहायता पहुंचे और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए सकारात्मक अवसर, सही मार्गदर्शन तथा अनुकूल वातावरण मिले। इसी उद्देश्य के लिए सरकार ने ‘संकल्प’ सोसायटी का गठन किया है। इसके अंतर्गत गृह, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, महिला एवं बाल विकास तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाएगा, ताकि नशे की रोकथाम से लेकर पीड़ितों के उपचार और पुनर्वास तक सभी स्तरों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के युवाओं में अपार क्षमता है और उन्हें सही दिशा, अवसर तथा सहयोग उपलब्ध कराना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। नशे के विरुद्ध इस लड़ाई में प्रशासनिक प्रयासों के साथ परिवारों, शिक्षकों, पंचायतों, सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा का युवा स्वस्थ, जागरूक, आत्मनिर्भर और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित बने तथा प्रदेश नशामुक्त समाज की दिशा में ठोस प्रगति करे।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा, युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी अनुपमा, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय दहिया, महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक मीणा, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक डॉ आदित्य दहिया, एडीजीपी संजय कुमार, संकल्प सोसायटी के सीईओ ओ पी सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।