प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों में हुई स्थिर प्रगति का स्वागत करते हुए जोर दिया कि मतभेदों को विवाद में नहीं बदलने दिया जाना चाहिए और दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक तथा दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए।
तीन परस्पर सिद्धांतों से निर्देशित होंगे संबंध
बैठक के बाद विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने अगस्त 2025 में तियानजिन में हुई पिछली बैठक के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों पक्षों के संबंध परस्पर सम्मान, परस्पर संवेदनशीलता और परस्पर हित के तीन सिद्धांतों से निर्देशित होने चाहिए।
सीमा पर शांति और स्थिरता जरूरी
पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता दोनों देशों के बीच संबंधों के निरंतर विकास के लिए आवश्यक आधार बनी हुई है। दोनों नेताओं ने सीमा से जुड़े मुद्दों पर मौजूदा समझौतों और सहमतियों का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सीमा विवाद के निष्पक्ष समाधान की प्रतिबद्धता
दोनों नेताओं ने व्यापक द्विपक्षीय संबंधों के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य और दोनों देशों के लोगों के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखते हुए सीमा प्रश्न के निष्पक्ष, उचित और परस्पर स्वीकार्य समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आवाजाही बढ़ाने पर जोर
बैठक में दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क में हुई प्रगति पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान, व्यापारिक संबंधों और दोनों देशों के बीच लोगों की अधिक आवाजाही को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
व्यापार असंतुलन और सप्लाई चेन पर चर्चा
आर्थिक एवं व्यापारिक संबंधों को लेकर दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की चिंताओं को दूर करने की आवश्यकता पर चर्चा की। इनमें संरचनात्मक व्यापार असंतुलन और सप्लाई चेन से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। दोनों पक्षों ने सार्थक और पूर्वानुमानित बाजार पहुंच को सुविधाजनक बनाने पर भी जोर दिया।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर साझा आधार बढ़ाने पर सहमति
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि भारत और चीन को क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर साझा आधार का लगातार विस्तार करना चाहिए और सामने आने वाली चुनौतियों से मिलकर निपटने के रास्ते तलाशने चाहिए।
ब्रिक्स अध्यक्षता के लिए चीन के समर्थन की सराहना
पीएम मोदी ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के लिए चीन के समर्थन और 2026 के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता में उसके योगदान की सराहना की। बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।