हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक बड़ी घोषणा कर सबको चौंका दिया। सदन में जारी गरमागरम बहस के बीच मुख्यमंत्री ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया कि कुल्लू से कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर को जल्द ही राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। इस घोषणा के साथ ही प्रदेश में पिछले काफी समय से चल रही मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों पर विराम लग गया है।
सदन में बहस के दौरान हुई घोषणा
दरअसल, नियम 102 के तहत आरडीजी (RDG) पर चर्चा के दौरान कुल्लू के विधायक सुंदर ठाकुर और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच तीखी बहस हो गई थी। सदन में माहौल को तनावपूर्ण होता देख मुख्यमंत्री सुक्खू ने हस्तक्षेप किया और सदस्यों को शांत कराते हुए कहा कि सुंदर ठाकुर को जल्द मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी और इसके लिए नेता प्रतिपक्ष को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा।
रिकॉर्ड से हटाई गई व्यक्तिगत टिप्पणियां
सदन में हंगामे के दौरान हुई व्यक्तिगत बयानबाजी पर कड़ा रुख अपनाते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने व्यवस्था दी कि सदन की कार्यवाही के दौरान इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों और व्यक्तिगत टिप्पणियों को रिकॉर्ड से बाहर कर दिया जाएगा।
कैबिनेट का वर्तमान समीकरण
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की अधिकतम संख्या 12 से अधिक नहीं हो सकती। वर्तमान में मुख्यमंत्री सुक्खू को मिलाकर कुल 11 मंत्री कार्यरत हैं। पिछले तीन वर्षों से एक पद रिक्त चल रहा था, जिसे लेकर समय-समय पर विस्तार की खबरें आती रही हैं। अब कुल्लू से सुंदर सिंह ठाकुर की ताजपोशी के बाद मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय संतुलन और जिलेवार प्रतिनिधित्व का समीकरण भी बदल जाएगा।