चंडीगढ़ : हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया जब स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने एचपीएससी (HPSC) और एचएसएससी (HSSC) भर्तियों से जुड़े कांग्रेस के 'काम रोको प्रस्ताव' को खारिज कर दिया। विपक्ष ने सदन की कार्यवाही रोककर इस मुद्दे पर तुरंत चर्चा की मांग की थी, जिसे स्वीकार न किए जाने पर कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल समाप्त होते ही कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल, आफताब अहमद, अशोक अरोड़ा, और शकुंतला खटक सहित कई अन्य विधायकों ने भर्तियों के मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू किया। विपक्षी विधायकों का तर्क था कि प्रदेश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा यह मामला बेहद गंभीर है और इस पर सभी विधायी कार्यों को रोककर चर्चा होनी चाहिए।
स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने प्रस्ताव को रद्द करते हुए स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने अपने प्रस्ताव में पिछले 11 वर्षों की भर्तियों का जिक्र किया है, इसलिए इसे 'तत्कालिक' विषय नहीं माना जा सकता। स्पीकर के इस फैसले के बाद सदन में शोर-शराबा बढ़ गया। कांग्रेस विधायकों ने एचपीएससी चेयरमैन को हटाने की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
संसदीय कार्य मंत्री महिपाल सिंह ढांडा और उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने विपक्ष के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई। राव नरबीर सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा राज्यपाल के अभिभाषण पर की गई टिप्पणियों को भी अनुचित बताया। जब स्पीकर ने शून्यकाल शुरू करने का निर्देश दिया, तो कांग्रेस के तमाम विधायक विरोध स्वरूप सदन से बाहर चले गए।