संगरूर : पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने संगरूर के छज्ली में सोमवार को नई ब्लॉक बिल्डिंग की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कांग्रेस और केंद्र सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "सभी सरपंचों, पंचायत समिति सदस्यों और चेयरमैन को बहुत-बहुत बधाई। आज नई बिल्डिंग की आधारशिला रखी गई और निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस प्रोजेक्ट पर 2 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। आज मुझे लगता है कि हमारा गांव, छज्ली, साफ तौर पर एक शहर में बदल रहा है।"
इस दौरान उन्होंने कांग्रेस हाईकमान द्वारा छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल की जगह राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को पंजाब में पार्टी का नया प्रभारी बनाने पर भी चुटकी ली।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, "पंजाब के लोगों को पता है कि कांग्रेस कैसे बंटी हुई है। कभी मुख्यमंत्री बदलने पड़े थे, आज वो अपने जो इंचार्ज हैं, उनको बदल रहे हैं तो इसका मतलब है ग्राउंड पर कांग्रेस पार्टी बिल्कुल खत्म हो चुकी है। कांग्रेस के पास न तो कोई नीति बची है और न ही नेतृत्व, इसलिए वह लगातार अपने चेहरों को बदलने पर मजबूर है।"
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस के रूप में जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति को लेकर भी मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नियमों को दरकिनार कर यह नियुक्ति कर दी गई।
उन्होंने कहा, "सबसे पहले, गवर्नर और केंद्रीय कानून मंत्री ने हमारे मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र भेजकर 'मेमोरेंडम ऑफ स्टैंडर्ड प्रोसीजर' के पैरा 6 के तहत उनकी राय मांगी थी। हालांकि, उनकी राय पर विचार किए बिना ही नियुक्ति कर दी गई। मेरा मानना है कि यह एक चुने हुए मुख्यमंत्री और पंजाब के तीन करोड़ लोगों का भी अपमान है।"
मंत्री चीमा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पंजाब के न्यायिक मामलों में पक्षपात कर रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, "पंजाब के जस्टिस जीएस संधावालिया, जिनको मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के लिए चुना गया था, तो उनकी फाइल को मध्य प्रदेश के जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का राज है, उनकी फाइल को दो महीने दबाकर रखा गया और उसके बाद उनका तबादला हिमाचल प्रदेश में कर दिया गया।"