सिपाही भर्ती परीक्षा में अफवाह फैलाने और गड़बड़ी करने वालों से सख्ती से निबटने का अधिकारियों को निर्देश दिया है। कहा है कि परीक्षा की सुचिता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। बुधवार रात सीएम योगी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सिपाही भर्ती समेत कानून व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। इसी हफ्ते आठ, नौ और 10 जून को सिपाही भर्ती परीक्षा होने वाली है। बैठक में उन्होंने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले जनभागीदारी आधारित कार्यक्रमों की तैयारियों की भी समीक्षा भी। कहा कि जनसेवा, सुशासन, पर्यावरण संरक्षण, युवाओं के हित और जनकल्याण से जुड़े प्रत्येक कार्यक्रम का क्रियान्वयन संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसहभागिता के साथ सुनिश्चित किए जाएं।
परीक्षा की गपनीयता से न हो समझौता, छह को हो पूर्वाभ्यास
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिपाही भर्ती परीक्षा की शुचिता, निष्पक्षता और गोपनीयता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता न होने पाए। परीक्षा में लगभग 29 लाख अभ्यर्थियों की सहभागिता को देखते हुए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप यातायात प्रबन्धन की प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। इससे आमजन को अनावश्यक किसी तरह की असुविधा न हो। कहा कि सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट व केंद्र व्यवस्थापकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में सभी अधिकारी पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने छह जून को परीक्षा आयोजन का पूर्वाभ्यास कराने का निर्देश भी दिया।
सरकार के कार्यक्रम जनजागरण अभियान बने
सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरा होने के मौके पर विश्व पर्यावरण दिवस से अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस तक आयोजित होने वाले कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन न होकर जनभागीदारी और जनजागरण का अभियान बने। उन्होंने कहा कि पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत न्यूनतम पांच करोड़ पौधों का रोपण किया जाए। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृत्व के सम्मान और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का भी प्रतीक बने। पौधों की पर्याप्त उपलब्धता, जियो टैगिंग तथा उनके संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सभी के बीच स्थापित हो संवाद
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है। प्रभारी मंत्रियों व जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन में समाज के प्रबुद्ध वर्ग, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, अभियंताओं, उद्योगपतियों, अधिवक्ताओं, युवा उद्यमियों तथा स्टार्टअप इनोवेटरों के साथ संवाद स्थापित किया जाए। देश और प्रदेश में हुए सकारात्मक परिवर्तनों, सुशासन, आधारभूत संरचना, निवेश, रोजगार और जनकल्याण के क्षेत्रों में प्राप्त उपलब्धियों पर चर्चा की जाए तथा समाज के विभिन्न वर्गों के सुझावों और अपेक्षाओं को भी गम्भीरता से सुना जाए। कहा कि यह संवाद विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में जनसहभागिता को और मजबूत करेगा।
अधिकारी खुद स्वच्छता अभियान में सहभागी बने
इस दौरान स्वच्छता को विशेष जनअभियान के रूप में संचालित करने का निर्देश भी दिया। कहा कि अधिकारी खुद इसमें सहभागी बनकर समाज को प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि आगामी 14 से 16 जून तक विकास खण्ड स्तर पर आयोजित होने वाले जनकल्याण शिविरों एवं स्वास्थ्य मेलों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को सरकार की योजनाओं से जोड़ा जाए। इसके साथ ही प्रत्येक जनपद की विशिष्ट पहचान, उपलब्धियों और आधारभूत संरचना विकास को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनियां भी आयोजित की जाएं।
गावों में लगे रात्रि चौपाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि चौपालों का आयोजन कर जनसमस्याओं के समाधान, योजनाओं की समीक्षा तथा शिकायतों के निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था की जाए। नामित मंत्री, जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि प्रवास भी करें। जिससे स्थानीय आवश्यकताओं और चुनौतियों को निकटता से समझकर त्वरित व प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।