सोहना : संगठन से जुड़ा हर एक पदाधिकारी अपने क्षेत्र में समाज का प्रतिनिधि होता है। इसलिए उसका व्यवहार, कार्यशैली और समाज के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ही संगठन की वास्तविक पहचान बनाता है। ये उद्गार आज स्थानीय महाराजा अग्रसेन भवन सोहना में आयोजित अग्रवाल वैश्य समाज के संगठन संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यातिथि समाज के प्रदेश अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने कहें। कार्यक्रम में गुरुग्राम, रेवाड़ी एवं झज्जर जिले के जिला, विधानसभा, महिला, युवा तथा विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। उपस्थित पदाधिकारियों से संबोधित करते हुए बुवानीवाला ने कहा कि वर्तमान समय में संगठन की सबसे बड़ी आवश्यकता सक्रिय संवाद और प्रभावी समन्वय है। जिला, विधानसभा, महिला, युवा एवं अन्य सभी प्रकोष्ठ यदि एक साझा लक्ष्य के साथ कार्य करेंगे तो समाज की समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने कहा कि किसी भी संगठन की मजबूती उसके पदों या संख्या से नहीं, बल्कि उसके कार्यकर्ताओं की निष्ठा, अनुशासन और निरंतर सक्रियता से तय होती है। उन्होंने कहा कि संगठन तभी समाज में विश्वास अर्जित करता है, जब प्रत्येक पदाधिकारी अपने दायित्व को सेवा का माध्यम मानकर पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ निभाए।
उन्होंने कहा कि अग्रवाल वैश्य समाज का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक परिवार तक संगठन की उपयोगिता और राजनीतिक से जोडऩे का है। यदि सभी इकाइयां नियमित संवाद, योजनाबद्ध कार्यप्रणाली और सामूहिक सहभागिता के साथ कार्य करेंगी तो संगठन की पहुंच और प्रभाव दोनों स्वत: बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ संगठन को भी आधुनिक कार्यशैली अपनानी होगी, जिसमें समयबद्ध योजना, डिजिटल संवाद, युवाओं की भागीदारी और राजनीतिक सरोकारों से जुड़े अभियान प्रमुख भूमिका निभाएं। उन्होंने पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में केवल कार्यक्रम आयोजित करने तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के लोगों के साथ निरंतर संपर्क स्थापित कर उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को संगठन के माध्यम से समाधान तक पहुंचाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जब नेतृत्व दूरदर्शी हो, कार्यकर्ता सक्रिय हों और संगठन की प्राथमिकता समाजहित हो, तब कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता। प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीनिवास गुप्ता ने कहा कि समाज की प्रभावी भागीदारी तभी सुनिश्चित होगी, जब प्रत्येक पदाधिकारी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लेकर आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि बैठकों में विभिन्न विषयों के सुझाव आना अच्छी बात है लेकिन संगठन का एकमात्र लक्ष्य समाज को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना होना चाहिए, ताकि निर्णय लेने वाले प्रत्येक मंच पर वैश्य समाज का सम्मानजनक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके। प्रभारी ललित बंसल ने उपस्थित पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन विस्तार की प्रक्रिया में अब तेजी लाने का समय आ गया है। उन्होंने सभी जिला अध्यक्षों से आग्रह किया कि वे शीघ्रातिशीघ्र अपनी जिला कार्यकारिणी के साथ-साथ सभी विधानसभा इकाइयों की कार्यकारिणियों का गठन कर प्रदेश नेतृत्व को उपलब्ध कराएं, ताकि संगठनात्मक गतिविधियों को नियोजित ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में वे स्वयं अपने प्रभार से संबंधित तीनों जिलों का दौरा करेंगे और प्रत्येक इकाई की संगठनात्मक स्थिति, कार्यप्रणाली एवं गतिविधियों की समीक्षा भी करेंगे।
प्रदेश महिला अध्यक्ष सुशीला सर्राफ ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल कार्यक्रमों की सहभागिता तक सीमित न रखते हुए संगठन की निर्णय प्रक्रिया, नेतृत्व और सामाजिक गतिविधियों में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने सभी महिला पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में महिला इकाइयों का विस्तार करें, समाज की महिलाओं को संगठन से जोड़ें।
गुरूग्राम जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता ने कहा कि हमें स्वयं को सिर्फ एक प्रोगाम तक सीमित नहीं रहना है। उन्होंने कहा कि समाज की सभी इकाई नियमित बैठकें आयोजित करेंगी। नए सदस्यों को जोड़ेंगी तथा समाज के प्रत्येक वर्ग से सतत संपर्क बनाए रखा जाएगा।
इस मौके पर प्रदेश मंत्री अंकुश जैन, प्रदेश प्रचार सचिव आदर्श गर्ग, सतनारायण अग्रवाल, विजय गुप्ता, डॉ. अंजु अग्रवाल, नवीन सिंघल रेवाड़ी, दीपक जैन झज्जर, रितु गर्ग, किरण गर्ग, रेखा अग्रवाल, प्रतिमा, विकास गुप्ता, अंकुश गुप्ता, विकास गुप्ता, शुभम ऐरन, सारिका गुप्ता, विजय अग्रवाल, आशीष गर्ग, सुभाष गर्ग, केसरी नंदन अग्रवाल, अतुल गोयल, सतीश गर्ग, दिनेश कुमार ऐरन सहित अनेक वैश्यजन उपस्थित रहे।