चंडीगढ़ : हरियाणा में 2014 से लेकर अब तक काटे गए और जोड़े गए राशन कार्डों पर सांसद दीपेन्द्र हुड्डा द्वारा लोक सभा में पूछे गए सवाल के जवाब से खुलासा हुआ है कि अकेले 2025 में, यानी विधान सभा चुनाव होते ही बीजेपी सरकार ने हरियाणा में 13,43,474 राशन कार्ड काट दिये। लोक सभा में सांसद दीपेन्द्र हुड्डा के सवाल के जवाब में भारत सरकार ने माना कि ये आंकडा देश भर में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि BJP सरकार ने चुनाव से पहले वोट की ठगी मारने के लिए राशन कार्ड बनाए थे। हरियाणा का आम मतदाता असमंजस में है कि ये राशन कार्ड क्यों बनाए गए और अब किस लिए काटे गए। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि हकीकत ये है कि बीजेपी सरकार ने वोट लेने के लिए ही ये राशन कार्ड बनाए थे और मकसद पूरा होते ही इन्हें काट दिया। चुनाव के समय हरियाणा की 75% आबादी को झूठे सब्जबाग दिखाये गए, फिर उनके वोट लेकर सत्ता हासिल की और कुछ महीनों का राशन देने के बाद गरीबों का हक छीनकर उन्हें सभी सरकारी योजनाओं से वंचित कर दिया गया। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि ऐसा क्या हुआ कि चुनाव ख़त्म होते ही अचानक लगभग साढ़े 13 लाख राशन कार्ड काट दिए गये? जबकि, भौगोलिक और आबादी की दृष्टि से हरियाणा से कई गुना बड़े उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में भी कहीं इतनी भारी संख्या में राशन कार्ड नहीं काटे गए। उन्होंने हरियाणा में बड़े पैमाने पर राशन कार्ड कटौती की स्वतंत्र और निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने अपने सवाल का उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया द्वारा लोक सभा में दिया गया जवाब अधूरा बताया और कहा कि 2014 से अब तक जोड़े गए राशन कार्डों का कोई आंकड़ा सरकार ने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सरकार यह बताने में भी असफल रही है कि किन मानकों के आधार पर हरियाणा जैसे राज्य में इतने बड़े पैमाने पर राशन कार्ड काटे गए। सच्चाई यह है कि फैमिली आईडी और सत्यापन के नाम पर गरीबों को सिस्टम से बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में चुनाव से पूर्व बीपीएल कार्डों की संख्या 27 लाख थी उन्हें करीब 75% बढ़ाकर लोकसभा चुनाव तक 45 लाख कर दी गई और विधान सभा चुनाव तक यह संख्या 51.09 लाख हो गई। लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच करीब 5-6 महीने में ही साढ़े 5 लाख से अधिक नये बीपीएल कार्ड बने। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि सरकार की इस कारस्तानी से बड़ी संख्या में पात्र लोगों के राशन कार्ड भी काट दिए गए। फूड एंड सप्लाई विभाग को रोजाना दर्जनों शिकायतें मिल रही हैं कि गलत मैपिंग के कारण पात्र लोगों के राशन कार्ड रद्द हो रहे हैं। PPP की आड़ में गलत जानकारी भरकर राशनकार्ड काटने का खेल चल रहा है। भ्रष्टाचार चरम पर है और पीपीपी में खामियों का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। कई ऐसे लोग जिनके पास बाइक तक नहीं है और मेहनत-मजदूरी करके गुजारा करते हैं, उनके PPP में कार और पाश इलाकों में कोठी दिखाई जा रही है, जिसके कारण वे अपात्र घोषित हो जा रहे हैं। पीपीपी में इतनी खामियां हैं कि वो दूर ही नहीं हो रही हैं।