प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारतीय लोकतंत्र को और अधिक जीवंत और सहभागी बनाने के लिए विधायी संस्थाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण समय की मांग है।
लोकतंत्र को मजबूत बनाने पर जोर
पीएम नरेन्द्र मोदी ने अपने विचारों में कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने से लोकतांत्रिक संस्थाएं और अधिक सशक्त और प्रतिनिधिक बनेंगी। उन्होंने इसे देश के समावेशी विकास की दिशा में एक अहम कदम बताया।
देरी को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि इस आरक्षण को लागू करने में किसी भी प्रकार की देरी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होगी। उनके अनुसार, यह सुधार लंबे समय से अपेक्षित है और इसे शीघ्र लागू किया जाना चाहिए।
ओप-एड के जरिए साझा किए विचार
नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में प्रकाशित एक ओप-एड आलेख के माध्यम से इस विषय पर अपने विस्तृत विचार और दृष्टिकोण साझा किए हैं।
एक्स पर भी दी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “महिलाओं के लिए विधायी संस्थाओं में आरक्षण समय की मांग है! इससे हमारा लोकतंत्र और अधिक जीवंत एवं सहभागी बनेगा। इस आरक्षण को लागू करने में किसी भी तरह की देरी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होगी। इसी को लेकर मैंने अपने विचार इस आलेख में साझा किए हैं।”