चंडीगढ़ : हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संस्कृति, राष्ट्रवाद और विचारधारा की पार्टी है, जबकि कांग्रेस आज अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पार्टी को कमजोर कर दिया है और इसी कारण कांग्रेस के नेता लगातार अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। विज ने कहा कि भाजपा में कार्यकर्ता और नेता विचारधारा के आधार पर राजनीति करते हैं और जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हैं।
विशेष बातचीत के दौरान अनिल विज ने राष्ट्रीय राजनीति, हरियाणा की कानून व्यवस्था, अपनी राजनीतिक यात्रा, भाजपा संगठन, शहीद स्मारक और विपक्ष के आरोपों सहित कई विषयों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। अपने स्पष्ट और बेबाक अंदाज के लिए पहचान रखने वाले विज ने कहा कि लोग अक्सर दिमाग से बोलते हैं, जबकि वे दिल से बात करते हैं। कारण है कि कई बार उनकी बातें कुछ लोगों को अच्छी नहीं लगतीं, लेकिन वे सच कहने से पीछे नहीं हटते।
उन्होंने कहा कि राजनीति उनके लिए सत्ता प्राप्त करने का साधन नहीं बल्कि समाज सेवा और लोककल्याण का माध्यम है। राजनीति के माध्यम से वे उन लोगों तक सुविधाएं और अधिकार पहुंचाने का प्रयास करते हैं, जो वर्षों से वंचित रहे हैं।
कांग्रेस पर साधा निशाना
अनिल विज ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस आज अपने सबसे कमजोर दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी लगातार चुनाव हार रही है और जनता का विश्वास खो चुकी है। विज ने कहा कि कांग्रेस के नेता अपनी राजनीतिक विफलताओं का दोष संवैधानिक संस्थाओं पर मढ़ते रहते हैं।
कहा कि जब भी किसी राज्य में कांग्रेस या उसके सहयोगी दल चुनाव हारते हैं तो वे चुनाव आयोग, ईडी, सीबीआई या अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने लगते हैं। विज ने कहा कि चुनाव हारने वाला व्यक्ति स्वाभाविक रूप से दुखी होता है, लेकिन लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है। विपक्षी दलों को अपनी कमियों का आत्ममंथन करना चाहिए, न कि संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल चाहते हैं कि जांच एजेंसियां कमजोर हो जाएं ताकि उनके नेताओं की कथित अनियमितताएं और भ्रष्टाचार के मामले सामने न आ सकें।
पंजाब में भाजपा की जीत का किया दावा
पंजाब की राजनीति पर बोलते हुए विज ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भाजपा पंजाब में मजबूत स्थिति में पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता पारंपरिक राजनीति से निराश हो चुकी है और भाजपा को एक मजबूत विकल्प के रूप में देख रही है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में भाजपा की जीत निश्चित है और पार्टी तेजी से अपना जनाधार बढ़ा रही है।
शहीद स्मारक के लिए 40 वर्षों का संघर्ष
अंबाला छावनी में बने भव्य शहीद स्मारक का उल्लेख करते हुए विज भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि इस स्मारक के निर्माण के लिए उन्होंने लगभग 30 से 40 वर्षों तक संघर्ष किया। लंबे प्रयासों और लगातार मांग के बाद 22 एकड़ भूमि पर लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से देश के सबसे भव्य शहीद स्मारकों में से एक का निर्माण संभव हो पाया।
उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अंबाला छावनी का विशेष स्थान है। वर्ष 1857 की क्रांति को लेकर उन्होंने दावा किया कि क्रांति की शुरुआत मेरठ से पहले अंबाला छावनी में हो चुकी थी। उनके अनुसार अंबाला छावनी में विद्रोह की चिंगारी मेरठ से लगभग नौ घंटे पहले भड़की थी।
विज ने बताया कि यह स्मारक केवल एक भवन नहीं बल्कि देश के वीर शहीदों के सम्मान और बलिदान की स्मृति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्घाटन करने के लिए जल्द ही नरेंद्र मोदी अंबाला छावनी आएंगे और यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय होगा।
छात्र जीवन से जुड़ा संगठन से
अपनी राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए विज ने कहा कि वे वर्ष 1970 से छात्र जीवन के दौरान संगठन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि राजनीति में आने की उनकी कभी व्यक्तिगत इच्छा नहीं थी। उन्होंने लगभग 17 वर्षों तक बैंकिंग क्षेत्र में कार्य किया और स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में नौकरी की।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1990 में जब सुषमा स्वराज विधायक रहते हुए राज्यसभा के लिए चुनी गईं तो उनके विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव की स्थिति बनी। उस समय पार्टी और संगठन के नेताओं ने उन पर चुनाव लड़ने का दबाव बनाया। विज के अनुसार उन्होंने शुरू में चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं जताई, लेकिन संगठन के आग्रह को स्वीकार करते हुए मैदान में उतरे और पहली बार विधायक बने।
उन्होंने कहा कि इसके बाद जनता का विश्वास लगातार उन्हें मिलता रहा। वर्ष 1990, 1996 और 2000 में उन्होंने चुनाव जीते। वर्ष 2005 में वे केवल 562 मतों के अंतर से चुनाव हार गए, लेकिन जनता से उनका संपर्क और संघर्ष जारी रहा। इसके बाद 2009, 2014, 2019 और 2025 में उन्होंने लगातार जीत दर्ज की। उन्होंने बताया कि अब तक वे सात बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं।
मुख्यमंत्री से किसी प्रकार की नाराजगी नहीं
हरियाणा की राजनीति में समय-समय पर उनके और राज्य नेतृत्व के संबंधों को लेकर उठने वाले सवालों पर विज ने स्पष्ट कहा कि उनका किसी से कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और वर्तमान मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी दोनों की कार्यशैली अलग-अलग है, लेकिन दोनों प्रदेश के विकास के लिए काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीति में छोटी-छोटी बातों को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया जाता है। कुछ लोग अनावश्यक विवाद पैदा करने का प्रयास करते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि सभी अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके मन में किसी के प्रति कोई गिला-शिकवा या नाराजगी नहीं है।
ग्रीवेंस कमेटी में अधिकारियों को फटकार पर दिया जवाब
ग्रीवेंस कमेटी की बैठकों में अधिकारियों को फटकार लगाने को लेकर लगने वाले आरोपों पर भी विज ने विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आम नागरिक जब पटवारी, तहसीलदार, विभिन्न विभागों और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाकर थक जाता है और उसे कहीं न्याय नहीं मिलता, तब वह अंतिम उम्मीद के रूप में ग्रीवेंस कमेटी के पास आता है। विज ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की शिकायत सही है और अधिकारी अपने कर्तव्य का पालन नहीं कर रहे हैं तो उन्हें जवाबदेह बनाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी अधिकारी का अपमान करना नहीं बल्कि जनता को न्याय दिलाना है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा का कोई भी अधिकारी उन्हें किसी वैध कार्य के लिए मना नहीं करता। सभी अधिकारी उनका सम्मान करते हैं और वे भी प्रशासनिक अधिकारियों का सम्मान करते हैं। बावजूद इसके कुछ लोग राजनीतिक कारणों से उनके व्यवहार को लेकर अनावश्यक टिप्पणियां करते रहते हैं। विज ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसी आलोचनाओं की परवाह नहीं की और आगे भी नहीं करेंगे।
प्रदेश में अपराध नियंत्रण पर सरकार गंभीर
हरियाणा में बढ़ते अपराध के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में विज ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अपराध पर नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) सहित विभिन्न सुरक्षा तंत्रों को मजबूत किया गया है। सरकार अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और आने वाले समय में अपराध पर और अधिक प्रभावी नियंत्रण देखने को मिलेगा।
विज ने कहा कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और कानून का राज स्थापित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पद नहीं, सेवा को प्राथमिकता
अनिल विज ने कहा कि उन्होंने जीवन में कभी यह नहीं सोचा कि उन्हें कौन सा पद प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि अक्सर चुनाव जीतने के बाद नेता दिल्ली पहुंचकर बड़े पदों की मांग करते हैं, लेकिन उन्होंने कभी किसी से कुछ नहीं मांगा। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य केवल जनता की सेवा करना था और आज भी वही उद्देश्य है। उनके अनुसार पद और प्रतिष्ठा अपने आप मिलते हैं, लेकिन जनता का विश्वास और सम्मान सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। उन्होंने कहा कि वे आगे भी जनता की समस्याओं के समाधान और प्रदेश के विकास के लिए कार्य करते रहेंगे।
बातचीत के अंत में अपने चिर-परिचित शायराना अंदाज में विज ने कहा, “गर्दिश में हों तारे तो ना घबराना प्यारे…”। उनके इस अंदाज ने उपस्थित लोगों को मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया। साथ ही उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि कांग्रेस आज अपने सबसे कमजोर दौर में है और राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी लगातार सिमटती जा रही है, जबकि भाजपा देश और प्रदेश में मजबूत होती जा रही है।