जमात को लेकर उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। जमात में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, बाहरी संदिग्ध लोगों की आवाजाही, कट्टरपंथी विचारधारा का प्रसार और आतंकी कनेक्शन को लेकर यह अलर्ट जारी हुआ है। किसी भी जिले में गैर परंपरागत जमात को तुरंत बंद कराने का आदेश है। साथ ही पूर्व से होती आई जमात में आयोजक से लेकर इसमें शामिल होने वाले लोगों का 24 घंटे में सत्यापन कराने का आदेश भी दिया है।
हर जिले में पुलिस, एलआईयू और इंटेलिजेंस टीम को कार्रवाई के लिए लगाया है। जमात में आने वाले गैर राज्यों और गैर जिलों के लोगों का रिकार्ड लेकर संबंधित थानों से तुरंत सत्यापन कराया जाएगा। कोई संदिग्ध गतिविधि मिलने पर मुकदमे का आदेश दिया गया है।
जमात को लेकर प्रदेशभर में अलर्ट जारी, 24 घंटे में होगा सत्यापन
एडीजी मेरठ जोन, भानु भास्कर ने कहा कि जमात का पूर्व में टेरर मॉड्यूल सामने आ चुका है। जमात की आड़ में आतंकी गतिविधियों का खुलासा भी हो चुकी है। सुरक्षा के मद्देनजर सख्ती बढ़ाई गई है। किसी भी गैर परंपरागत जमात को नहीं होने दिया जाएगा। आयोजन के लिए अनुमति लेनी होगी, साथ ही जमात में आने वाले लोगों की पूरी सूचना संबंधित थानों को पहले से देनी होगी और इसका सत्यापन तुरंत कराया जाएगा।
जमात की आड़ में आतंकी साजिश
फरीदाबाद-दिल्ली में डॉक्टर मॉड्यूल का खुलासा पिछले साल हुआ था। जिसमें डॉ. अदील, डॉ. शाहीन, मौलाना इरफान, डॉ. उमर समेत कई के नाम सामने आए थे। खुफिया एजेंसियों ने कई डॉक्टर को गिरफ्तार किया था, जिनका संबंध आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद और बाकी आतंकी संगठन से था। एनआईए और बाकी एजेंसी ने खुलासा किया था कि डॉक्टरों, मौलवियों और कई पेशेवर ने मिलकर नेटवर्क खड़ा किया था, जिसे टीएटीपी नाम दिया था। इस मॉड्यूल के लिए नए युवकों की भर्ती के लिए जमात का इस्तेमाल किया जाता था। यहां पर धार्मिक कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार कर लोगों को बरगलाने का खुलासा हुआ था। इसलिए भी तब्लीगी जमात पर सख्ती बढ़ी है।
अपराधी भी लेते हैं पनाह
यूपी में कई जगहों पर अपराधी वारदात करने के बाद पुलिस से बचने के लिए जमात में पनाह ले लेते हैं। इस दौरान न तो बदमाशों का सुराग लगता है और जमात में शामिल होने वालों का रिकार्ड भी पूरी तरह से दर्ज नहीं किया जाता। इसलिए कानून व्यवस्था को खतरा पैदा होता है। इसलिए भी सत्यापन का आदेश दिया गया है। वहीं, सभी जिलों को यह भी आदेश दिया है कि बिना अनुमति के कहीं भी कोई जमात किसी हाल में न होने पाए।
टेरर मॉड्यूल और फंडिंग का खुलासा
एनआईए ने कुछ दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर में कुछ संगठन के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान भी टेरर फंडिंग का खुलासा हुआ था। ये भी खुलासा हुआ कि जमात के दौरान भी टेरर फंडिंग जुटाई जा रही है। इसलिए भी खुफिया एजेंसियां और इंटेलिजेंस टीम अलर्ट मोड पर हैं।