चंडीगढ़ : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" के प्रणेता थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनकी विचारधारा को धरातल पर उतारा जा रहा है। अंबाला में आयोजित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी 125 स्मरण पक्ष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना कर डॉ. मुखर्जी ने देश को एक मजबूत वैचारिक विकल्प दिया। आज उसी विचारधारा के आधार पर भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) देश के अधिकांश हिस्सों में जनसेवा कर रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने "एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे" का नारा दिया था और जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाकर उनके संकल्प को पूरा किया गया।
नड्डा ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने पूर्वी पाकिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए शरणार्थियों को नागरिकता देने की वकालत की थी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लागू कर उनकी इस सोच को भी आगे बढ़ाया गया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 'मेक इन इंडिया', रक्षा विनिर्माण, सेमीकंडक्टर निर्माण, नई शिक्षा नीति और आत्मनिर्भर भारत जैसे अनेक फैसले डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विजन को आगे बढ़ाने वाले कदम हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति शिक्षा को सुलभ, किफायती, लचीला और मातृभाषा आधारित बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।
हरियाणा के विकास कार्यों की सराहना
नड्डा ने हरियाणा की डबल इंजन सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने दीनबंधु छोटू राम तापीय विद्युत संयंत्र, द्वारका एक्सप्रेसवे, रेवाड़ी बाईपास, राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार, रेल परियोजनाओं तथा Maruti Suzuki के खरखौदा संयंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं प्रदेश के विकास को नई गति दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में पारदर्शी भर्ती व्यवस्था लागू की गई है, जिससे बिना पर्ची और बिना खर्ची के हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। महिलाओं के कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं और आधारभूत ढांचे के विकास में भी राज्य सरकार उल्लेखनीय कार्य कर रही है। उन्होंने लाडो लक्ष्मी योजना, 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की पहल, किसानों की एमएसपी पर फसल खरीद तथा प्रदेश में एम्स और कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया।
नड्डा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि उनकी सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि प्रत्येक नागरिक विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान दे तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर कार्य करे।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा अंबाला स्थित साइंस सेंटर का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखने और उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री को बधाई दी।