यूपी के प्रयागराज में सिविल लाइंस में पत्थर गिरजाघर के बगल स्थित धरना स्थल पर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) टिकैट गुट की ओर से आयोजित ‘डेरा डालो, घेरा डालो किसान सम्मान महापंचायत’ आयोजित की गई। हालांकि, किसान नेता राकेश टिकैत मौके पर नहीं पहुंच पाए। किसान नेता राकेश टिकैत के नहीं पहुंचने के बावजूद किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन किया। जंतर-मंतर पर चल रहे धरने में व्यस्त होने के कारण राकेश टिकैत महापंचायत में नहीं आ सके। जिसके बाद महापंचायत की कमान भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह ने संभाली।
प्रयागराज में हुई महापंचायत में किसानों ने खाद की उपलब्धता, ग्रामीण क्षेत्रों में 16 से 18 घंटे बिजली आपूर्ति, स्मार्ट मीटरों की तकनीकी जांच, ट्यूबवेल फीडरों की समस्या, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा, कृषि भूमि को ग्रीन बेल्ट घोषित करने की प्रक्रिया, आवारा पशुओं की समस्या, गौशालाओं के निर्माण, नगर निगम सीमा में शामिल गांवों पर लगाए गए हाउस टैक्स, सीवर टैक्स और जलकर वापस लेने समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरा। किसान जमकर सरकार पर बरसे।
अनुज सिंह ने कहा कि सरकार को लगता है कि छात्रों और किसानों को बंदूक और डंडे के बल पर अपनी मांग को रखने से रोक सकती है। लेकिन शायद उनको नहीं पता कि यह लोकतांत्रिक देश है। उन्होंने दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन को लेकर कहा कि छात्रों पर लाठी चलाना बहुत ही निंदनीय है। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। महापंचायत के बाद भाकियू प्रतिनिधिमंडल की एडीएम (प्रशासन), डीसीपी के साथ वार्ता हुई। प्रशासन ने किसानों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
21 सूत्री मांगों को लेकर किसानों ने दिया धरना
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के मंडल अध्यक्ष बब्लू दुबे के नेतृत्व में सोमवार को किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 21 सूत्री ज्ञापन मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन देने से पूर्व किसानों ने धरना दिया। ज्ञापन में भूमि माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई, सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने और चिन्हित भू-माफियाओं को जेल भेजने की मांग की गई।
किसानों ने जनपद में औद्योगिक कॉरिडोर, विंध्य एक्सप्रेस-वे और आवास विकास परिषद के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण का विरोध करते हुए किसानों की सहमति के बिना अधिग्रहण न करने तथा धारा-28 की कार्रवाई वापस लेने की मांग उठाई। ज्ञापन में डीएपी और यूरिया की कालाबाजारी रोकने, नकली उर्वरक व कीटनाशकों की जांच कर दोषियों के लाइसेंस निरस्त करने की भी मांग की गई।