भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लागू होने का सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग की सर्वोच्च संस्था नैसकॉम और उद्योग संगठन फिक्की ने स्वागत किया है। दोनों संस्थाओं का कहना है कि यह समझौता ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को नई गति देगा। इससे डिजिटल व्यापार, निवेश, नवाचार और टैलेंट के आदान-प्रदान के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे, जबकि भारतीय उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता भी मजबूत होगी।
डीसीसी से भारतीय पेशेवरों को होगा सीधा लाभ
नैसकॉम ने डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (डीसीसी) के लागू होने का भी स्वागत किया। इस व्यवस्था के तहत ब्रिटेन में अल्पकालिक नियुक्ति पर जाने वाले भारतीय पेशेवरों को पांच वर्ष तक यूके में सामाजिक सुरक्षा अंशदान नहीं देना होगा। इस अवधि के दौरान वे भारत में ही अपना सामाजिक सुरक्षा योगदान जारी रख सकेंगे। संस्था के अनुसार, डीसीसी को भारत सरकार के सहयोग से अंतिम रूप दिया गया है और इससे ब्रिटेन में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों को सीधा लाभ मिलेगा।
डिजिटल व्यापार और तकनीकी सहयोग को मिलेगा नया मंच
नैसकॉम ने बताया कि नवंबर 2025 में नैसकॉम यूके फोरम की शुरुआत की गई थी, जिसमें ब्रिटेन में महत्वपूर्ण निवेश करने वाली प्रमुख भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों को एक मंच पर लाया गया। यह फोरम भारत और ब्रिटेन के बीच डिजिटल व्यापार को मजबूत करने, इंडिया-यूके टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी इनिशिएटिव और विजन 2035 रोडमैप को आगे बढ़ाने के साथ-साथ दोनों देशों की सरकारों, नीति-निर्माताओं और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए रणनीतिक मंच के रूप में कार्य करेगा।
एफटीए को ठोस आर्थिक परिणामों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध : राजेश नांबियार
नैसकॉम के अध्यक्ष राजेश नांबियार ने कहा कि प्रौद्योगिकी आर्थिक विकास की प्रमुख ताकत बनती जा रही है। ऐसे में नैसकॉम दोनों देशों की सरकारों और उद्योग जगत के साथ मिलकर इस मुक्त व्यापार समझौते को व्यापार, निवेश, नवाचार और प्रतिभा सहयोग के ठोस परिणामों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।
ब्रिटेन में भारतीय कंपनियां दे रही हैं 35,000 से अधिक नौकरियों को समर्थन
नैसकॉम यूके फोरम के चेयरमैन मनीष मल्होत्रा ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच प्रौद्योगिकी साझेदारी विकास के नए चरण में प्रवेश कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रमुख भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों का एक समूह ब्रिटेन में 35,000 से अधिक नौकरियों को समर्थन देता है। इनमें लगभग 62% कर्मचारी लंदन के बाहर कार्यरत हैं, जिससे क्षेत्रीय विकास, स्थानीय प्रतिभा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्षमता निर्माण को भी मजबूती मिल रही है।
99% भारतीय निर्यात को मिलेगी जीरो ड्यूटी पहुंच : पीयूष गोयल
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) तथा सामाजिक सुरक्षा समझौता लागू हो चुके हैं। इसके तहत भारत के लगभग 99% निर्यात को जीरो ड्यूटी के साथ बाजार तक पहुंच मिलेगी, जो दोनों देशों के लगभग 100% व्यापार मूल्य को कवर करता है।
‘विकसित भारत’ के विजन को मिलेगी मजबूती : फिक्की
फिक्की के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता ‘विकसित भारत’ के विजन को मजबूती देता है और देश की सतत आर्थिक वृद्धि, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों के साथ गहरे आर्थिक जुड़ाव की आकांक्षाओं को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की उच्च गुणवत्ता वाली आर्थिक साझेदारियां व्यापार के नए अवसर पैदा करने, औद्योगिक क्षमता बढ़ाने और वैश्विक व्यापार एवं निवेश नेटवर्क में भारत की भागीदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। फिक्की के अनुसार, यह समझौता भारत की समृद्धि, नवाचार और आर्थिक परिवर्तन की यात्रा को नई गति प्रदान करेगा।