ओकाजाकी: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कंपाउंड आर्चरी टीम ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। चिकिथा तानिपार्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा की तिकड़ी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए फाइनल में चीन को 238-234 से हराया। गोल्ड जीतने के बाद ज्योति ने कहा कि उन्हें खुशी है कि वह और टीम अपना बेस्ट प्रदर्शन करने में सफल रही। ज्योति ने 'आईएएनएस' के साथ बात करते हुए कहा, "इस बात की बेहद खुशी है कि हमने आज अपना बेस्ट प्रदर्शन किया और भारत के लिए गोल्ड मेडल जीत सके। हम मैच के दौरान एक-दूसरे को लगातार मोटिवेट कर रहे थे कि चाहे जो भी हो हमें अपना बेस्ट देना है और अंत तक लड़ना है। मैं अपना यह मेडल अपने माता-पिता को समर्पित करना चाहती हों। परिवार से मेरी बात हुई और वह सभी बहुत खुश हैं।"
ज्योति ने सरकार और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) से मिले रही मदद को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा, "भारतीय सरकार और साई की तरफ से हमें काफी सपोर्ट मिल रहा है। वह हर चीज के लिए हमारे के लिए खड़े हैं, चाहे फिर उपकरण की जरूरत हो या इंफ्रास्ट्रक्चर हो या फिर विदेश में जाकर हम एक्सपोजर लेना चाहते हैं, वो हर चीज के लिए खड़े हैं। यह बहुत ही अच्छी बात है, क्योंकि हम सपोर्ट के साथ ही कुछ हासिल कर पाते हैं।"
भारतीय आर्चर ने कहा कि एशियन गेम्स एक बड़ा मंच है और यहां गोल्ड मेडल जीतना उनके और टीम के लिए सौभाग्य की बात है। ज्योति ने कहा कि उन्होंने टीम के साथ मिलकर शानदार प्रदर्शन किया और यह यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी।
पृथिका प्रदीप ने 'आईएएनएस' को बताया कि टीम इवेंट में गोल्ड जीतने से उन्हें काफी आत्मविश्वास मिला है। उन्होंने माना कि ऐसे समय में दबाव होता है लेकिन उन्होंने अपने शॉट पर फोकस रखने और बेस्ट देने की कोशिश की। पृथिका ने कहा कि उन्होंने टीम के साथ मिलकर यह मेडल भारत के लिए जीता है। भारतीय आर्चर ने अपना मेडल माता-पिता को समर्पित किया।