बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रधानमंत्री तारिक रहमान की नई सरकार ने सेना और खुफिया तंत्र में बड़ा फेरबदल किया है। 23 फरवरी 2026 को जारी आदेशों के अनुसार, भारत में तैनात बांग्लादेश के रक्षा सलाहकार को वापस बुलाकर पदोन्नत किया गया है, साथ ही सेना के कई महत्वपूर्ण पदों पर नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
सैन्य फेरबदल की मुख्य बातें
भारत से रक्षा सलाहकार की वापसी
नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग में तैनात रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद हफीजुर रहमान को वापस बुला लिया गया है। उन्हें मेजर जनरल के पद पर प्रमोट किया गया है और अब वे '55वीं इन्फैंट्री डिवीजन' के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
नए चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (CGS)
लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद मैनुल रहमान को बांग्लादेश सेना का नया चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (CGS) नियुक्त किया गया है। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल मिजानुर रहमान शमीम का स्थान लिया है, जो सेवानिवृत्ति पर चले गए हैं।
खुफिया एजेंसी (DGFI) में बदलाव
सैन्य खुफिया महानिदेशालय (DGFI) के प्रमुख पद पर भी बदलाव हुआ है। मेजर जनरल-नामित कैसर रशीद चौधरी को नया महानिदेशक नियुक्त किया गया है। उन्होंने मेजर जनरल मोहम्मद जहांगीर आलम की जगह ली है, जिन्हें विदेश मंत्रालय में राजदूत के रूप में स्थानांतरित कर दिया गया है।
प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर (PSO)
लेफ्टिनेंट जनरल मीर मुशफिकुर रहमान को सशस्त्र बल प्रभाग (Armed Forces Division) का नया प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर नियुक्त किया गया है।
क्यों हो रहा है यह बदलाव?
12 फरवरी 2026 के चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की भारी जीत के बाद तारिक रहमान ने 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। यह फेरबदल सेना पर उनकी पकड़ मजबूत करने और नई नीतियों के तालमेल के लिए किया गया है। सेना के साथ-साथ पुलिस और प्रशासन में भी उन अधिकारियों को हटाया या स्थानांतरित किया जा रहा है जिन्हें पिछली अंतरिम सरकार या पिछली शासन व्यवस्था का करीबी माना जाता था।