टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने खराब फॉर्म के चलते हो रहीं अपनी आलोचनाओं पर चुप्पी तोड़ी है। भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के तीसरे मुकाबले से पहले बुधवार को 25 साल के पंत ने कमेंटेटर हर्ष भोगले के सवाल का जवाब देते हुए कहा- मेरा केवल फॉर्म खराब है। व्हाइट बॉल में रिकॉर्ड उतना खराब नहीं है, जितना लोग बोल रहे हैं।
क्या कहा पंत ने?
तीसरे वनडे से पहले कमेंटेटर ने पंत से पूछा- अटैकिंग स्टाइल देख कर लगता है कि आपका व्हाइट बॉल गेम बहुत अच्छा होगा, लेकिन आपका टेस्ट में रिकॉर्ड ज्यादा अच्छा है। इस पर पंत बोले- मेरा व्हाइट बॉल का रिकॉर्ड भी कोई खराब नहीं है। ठीक है ना। कम्पैरिजन करना तो अभी लाइफ का पार्ट ही नहीं है। अभी मैं 25 साल का हूं। कम्पैरिजन तब होनी चाहिए, जब मैं 30-32 साल को हो जाऊंगा। उससे पहले तो कोई लॉजिक नहीं है।
टी-20 में ओपनिंग करना चाहूंगा
अपनी बैटिंग पोजिशन के सवाल पर पंत ने कहा- टी-20 में ओपनिंग ही करना चाहूंगा। वनडे में नंबर 4-5 पर और टेस्ट में तो मैं अभी नंबर-5 पर खेल ही रहा हूं। अलग-अलग पोजिशन पर बैटिंग करने से गेम प्लान बदलना पड़ता है। टीम मैनेजमेंट देखता है कि प्लेयर का बेस्ट किस पोजिशन पर निकल सकता है। उसी नंबर पर उसे बैटिंग करने भेजा जाता है।
टी-20 में पहले से मन बनाना पड़ता है
कमेंटेटर ने पंत से पूछा किस फॉर्मेट में पहले से मन बनाकर शॉट्स खेलने होते हैं। इस पर पंत बोले- टेस्ट और वनडे में तो गेम के हिसाब से बैटिंग करनी होती है, लेकिन टी-20 में पहले से मन बनाकर शॉट्स खेलने होते हैं।
न्यूजीलैंड दौरे पर नहीं चला पंत का बल्ला
कमेंटेटर से इंटरव्यू के बाद तीसरे वनडे में भारत को टॉस हारकर पहले बैटिंग करने पड़ी। पंत नंबर-4 पर उतरे, लेकिन वे 16 बॉल पर 10 रन ही बना सके। पहले वनडे में भी उनके बल्ले से 23 बॉल पर 15 रन ही निकले थे। दूसरे वनडे में बारिश के चलते वे बैटिंग नहीं कर पाए थे।
इससे पहले न्यूजीलैंड से टी-20 की सीरीज में भी ऋषभ पंत 94.44 के स्ट्राइक रेट से 17 रन ही बना सके थे। उन्हें 2 बार ओपनिंग करने भेजा गया, लेकिन वे कुछ खास नहीं कर सके।