भारतीय जनता पार्टी, पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने पंजाब सरकार की शिक्षा नीति पर तीखा हमला करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार का तथाकथित शिक्षा मॉडल पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है।
केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में करीब 31 हजार शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, जबकि सरकारी कॉलेजों में भी करीब 2,400 प्रोफेसरों की कमी है। इसके अलावा एडेड कॉलेजों में भी करीब 3,000 शिक्षकों के पद खाली होने की स्थिति सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि जब स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक ही मौजूद नहीं हैं, तो केवल स्कूलों की इमारतों पर रंग-रोगन करके शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति नहीं लाई जा सकती। उन्होंने कहा कि खाली इमारतें नहीं, बल्कि योग्य और पर्याप्त शिक्षक ही शिक्षा व्यवस्था की असली नींव हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार के कार्यकाल के दौरान 7 सरकारी स्कूलों का बंद होना भी शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार विज्ञापनों के माध्यम से शिक्षा क्रांति के दावे कर रही है और दूसरी ओर स्कूलों में शिक्षकों के हजारों पद खाली पड़े हैं। केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि शिक्षा में क्रांति केवल विज्ञापनबाजी से नहीं आती। इसके लिए स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करनी पड़ती है।
केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि विज्ञापनबाजी पर ध्यान देने के बजाय सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में खाली पड़े शिक्षकों एवं प्रोफेसरों के पदों को भरने की आवश्यकता है, ताकि पंजाब के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि पंजाब के बच्चों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सरकार केवल दावे कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई करने में पूरी तरह विफल रही है।