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धर्म

धनतेरस 2026: धनतेरस के दिन नई चीजें क्यों खरीदी जाती हैं, यम दीप की क्या है मान्यता?

01 नवंबर, 2026 02:00 PM

कार्तिक महीने के त्रयोदशी तिथि को हर वर्ष धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। इस बार कार्तिक महीने की त्रयोदशी तिथि शुक्रवार 6 नवंबर को सुबह 10:31 बजे से शुरू होकर अगले दिन 7 नवंबर को सुबह 10:48 बजे समाप्त होगी। यानी इस बार धनतेरस का त्योहार 6 नवंबर को मनाया जाएगा।

धनतेरस के शुभ मुहूर्त की बात करें तो सुबह 10:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक खरीदारी की जाएगी। इसके बाद शाम 6:18 बजे से रात 8:10 बजे तक पूजा का मुहूर्त रहेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान धनवंतरि, कुबेर और मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। इसके अलावा नई चीजें खरीदी जाती हैं। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और कुछ नई चीजों की खरीदारी करने से लोगों के धन-धान्य में बढ़ोतरी होती है और सुख-संपन्नता में वृद्धि होती है।

इस दिन लोगों को सुबद जल्दी उठकर घर और पूजा स्थल की अच्छे से साफ-सफाई करनी चाहिए और स्नान करके भगवान कुबेर और धनवंतरि की मूर्ति स्थापित कर पूजा करनी चाहिए। साथ में माता लक्ष्मी की पूजा की जा सकती है। धनतेरस के दिन खरीदारी करना शुभ माना जाता है। इस दिन लोग सोने-चांदी, पीतल के नए बर्तन, झाड़ू के अलावा अन्य वस्तुओं की भी खरीदारी की जाती है। मान्यता है कि इस दिन खरीदारी करने से लोगों के धनधान्य में बढ़ोतरी होती है। इसके साथ ही सुख-संपन्नता बढ़ती है।

इस दिन नए दीयों की खरीदारी की परंपरा है। मिट्टी से बने नए दीये खरीदना शुभ माना जाता है। मिट्टी के दीयों को जलाने से नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मकता आती है। धनतेरस के अवसर पर शाम को यम दीप जलाया जाता है। यह दीपक यमराज के नाम से जताया जाता है। इस दीपक का मुख दक्षिण दिशा में रहता है। मान्यता है कि धनतेरस के दिन यम दीप जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।

 

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