गैस डिस्ट्रीब्यूटर इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने मंगलवार को कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी। मात्र दो हफ्ते से भी कम समय में यह चौथी बढ़ोतरी है, जिससे आम उपभोक्ताओं और CNG पर निर्भर वाहन चालकों पर बोझ बढ़ गया है।
दिल्ली में CNG की कीमत अब 83.09 रुपये प्रति किलो हो गई है, जो पहले 81.09 रुपये प्रति किलो थी। एनसीआर (NCR) के अन्य शहरों में भी कीमतें बढ़ाई गई हैं। नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में CNG अब 91.70 रुपये प्रति किलो पर मिलेगी, जबकि गुरुग्राम में यह 88.12 रुपये प्रति किलो हो गई है। अजमेर में कीमत 92.44 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है।
पेट्रोल-डीजल भी हुए महंगे
IGL की इस घोषणा के साथ ही सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी चौथी बार बढ़ोतरी की है।
– दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये/लीटर (↑2.61 रुपये), डीजल 95.20 रुपये/लीटर (↑2.71 रुपये)
– कोलकाता: पेट्रोल 113.51 रुपये/लीटर (↑2.87 रुपये), डीजल 99.82 रुपये/लीटर (↑2.80 रुपये)
– मुंबई: पेट्रोल 111.21 रुपये/लीटर (↑2.72 रुपये), डीजल 97.83 रुपये/लीटर (↑2.81 रुपये)
– चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये/लीटर (↑2.46 रुपये), डीजल 99.55 रुपये/लीटर (↑2.57 रुपये)
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
जानकारों के अनुसार, कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई को लेकर बढ़ती अनिश्चितता है। घरेलू मुद्रा विनिमय दर और कर नीतियां भी इसमें भूमिका निभा रही हैं।
आम लोगों पर असर
CNG, पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से परिवहन, लॉजिस्टिक्स और दैनिक यात्रा का खर्च बढ़ने वाला है। विशेषकर दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों में ऑटो, टैक्सी, बस और कमर्शियल वाहन चालकों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों का कहना है कि लागत बढ़ने से किराए में भी इजाफा हो सकता है, जिसका बोझ अंततः आम उपभोक्ताओं पर ही आएगा।
सरकार ने मार्च में एक्साइज ड्यूटी घटाकर कुछ राहत दी थी, लेकिन वैश्विक कारकों के कारण स्थानीय कीमतें नियंत्रण से बाहर होती जा रही हैं।कीमतों में यह सिलसिला कब थमेगा, यह फिलहाल अनिश्चित है। उपभोक्ता संगठन लगातार बढ़ती महंगाई पर सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।