देश के चुनावी इतिहास में नया रिकॉर्ड दर्ज हुआ है, जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के दौरान अभूतपूर्व मतदाता भागीदारी देखने को मिली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसे आजादी के बाद अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत बताते हुए मतदाताओं का आभार जताया।
रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत ने बनाया इतिहास
चुनाव आयोग के अनुसार शाम 6 बजे तक तमिलनाडु में करीब 84.64% और पश्चिम बंगाल में लगभग 91.74% मतदान दर्ज किया गया। इन आंकड़ों ने स्पष्ट किया कि इस बार मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लिया।
पश्चिम बंगाल में कई जिलों ने पार किया 90% आंकड़ा
पश्चिम बंगाल के कई जिलों में 90% से अधिक मतदान दर्ज हुआ। दक्षिण दिनाजपुर (94.77%), कूचबिहार (94.40%), बीरभूम (93.61%) और जलपाईगुड़ी (93.01%) में सबसे ज्यादा मतदान हुआ। इसके अलावा मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर और झारग्राम में भी 91% से अधिक मतदान दर्ज किया गया।
तमिलनाडु में भी दिखा जबरदस्त उत्साह
तमिलनाडु में करूर (92.28%), सलेम (90.38%), इरोड (89.93%) और धर्मपुरी (करीब 89.99%) जैसे जिलों में उच्च मतदान दर्ज हुआ। वहीं नमक्कल, तिरुपुर, वेल्लोर और तिरुपत्तूर में भी 85% से अधिक मतदान हुआ।
शहरी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम, लेकिन संतोषजनक मतदान
चेन्नई, मदुरै और तिरुनेलवेली जैसे शहरी क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन यह भी संतोषजनक स्तर पर दर्ज किया गया।
शांतिपूर्ण मतदान, कड़े सुरक्षा इंतजाम
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार दोनों राज्यों में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे और कहीं से भी किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
लोकतंत्र के प्रति बढ़ी जागरूकता
मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें इस बात का संकेत हैं कि लोगों में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता और भागीदारी बढ़ी है। चुनाव आयोग ने इसे भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक बताया।