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दुनिया

ट्रंप प्रशासन का फैसला: नॉर्दर्न मरियाना आइलैंड्स में चीनी पर्यटकों की वीजा-फ्री यात्रा की सस्पेंड

27 अक्टूबर, 2026 04:31 PM

नई दिल्ली : ट्रंप प्रशासन ने नॉर्दर्न मारियाना आइलैंड्स (सीएनएमआई) में पहले से जांचे-परखे चीनी नागरिकों को बिना वीजा के यात्रा की अनुमति देने वाले कार्यक्रम को निलंबित कर दिया है। होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (डीएचएस) ने जासूसी के जोखिम, गुआम की ओर अवैध यात्रा और ‘बर्थ टूरिज्म’ जैसे गंभीर खतरों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है। होमलैंड सिक्योरिटी सचिव मार्कवेन मुलिन के हस्ताक्षर वाले नोटिस के अनुसार, ‘इकोनॉमिक वाइटैलिटी एंड सिक्योरिटी ट्रैवल ऑथराइजेशन प्रोग्राम’ (ईवीएस-टीएपी) को 30 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे (ईडीटी) से निलंबित कर दिया गया है। यह रोक नए आवेदकों और पहले से स्वीकृत उन यात्रियों, जिनके पास मौजूदा ईवीएस-टीएपी ट्रैवल ऑथराइजेशन है, दोनों पर लागू होगी। जो चीनी नागरिक पहले से सीएनएमआई में मौजूद हैं, वे अपनी स्वीकृत अवधि तक रुक सकते हैं, लेकिन भविष्य की किसी भी यात्रा के लिए उन्हें नियमित अमेरिकी वीजा लेना होगा।

सुरक्षा जोखिमों का हवाला
वित्तीय वर्ष 2025 में 3,000 से अधिक चीनी नागरिकों ने इस कार्यक्रम के जरिए सीएनएमआई में प्रवेश किया। इनकी जांच विदेश विभाग के कांसुलर अधिकारियों के बजाय यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (सीबीपी) ने की थी। डीएचएस का कहना है कि पीआरसी नागरिक इस कार्यक्रम का दुरुपयोग कर रहे हैं और इतनी बड़ी संख्या में बिना वीजा प्रवेश सुरक्षा तथा कानून प्रवर्तन के लिए अस्वीकार्य जोखिम पैदा करता है। विभाग के अनुसार, इस कार्यक्रम का उपयोग चीन की जासूसी और खुफिया गतिविधियों के लिए किया जा सकता है, जिससे क्षेत्र में अमेरिका के संवेदनशील रक्षा बुनियादी ढांचे को खतरा हो सकता है। रक्षा विभाग टिनियन एयर बेस को फिर से तैयार कर रहा है, जबकि पास के गुआम में कई सैन्य ठिकाने अमेरिका की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

अवैध यात्रा और बर्थ टूरिज्म की आशंका
हालांकि ईवीएस-टीएपी के तहत चीनी आगंतुकों को सीएनएमआई से आगे जाने की अनुमति नहीं थी, लेकिन नोटिस में कहा गया है कि तस्करी वाले जहाजों पर सवार होकर गुआम तक अवैध यात्रा की संभावना बनी रहती है। मार्च 2024 और फरवरी 2025 के दो मामलों का जिक्र करते हुए बताया गया कि चीनी नागरिकों को सीएनएमआई से गुआम तक अन्य चीनी नागरिकों की तस्करी के आरोप में दोषी ठहराया गया था। इनमें से ज्यादातर लोग बाद में संवेदनशील सैन्य ठिकानों के अंदर या आसपास पाए गए।‘बर्थ टूरिज्म’ को लेकर भी चिंता जताई गई है। नोटिस में कहा गया कि सीएनएमआई में यह लंबे समय से समस्या रही है और बिना वीजा यात्रा तथा लचीली जांच-पड़ताल इस चलन को बढ़ावा दे सकती है। इसका इस्तेमाल लंबे समय तक चलने वाली खुफिया गतिविधियों या जासूसी के लिए भी किया जा सकता है।

आपराधिक गतिविधियों का इतिहास
डीएचएस ने सीएनएमआई में चीन से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों—जैसे मनी लॉन्ड्रिंग और साइपन के कैसिनो में मजदूरों के शोषण—की ओर भी इशारा किया है। यह कार्यक्रम बाइडेन प्रशासन के 2024 के एक नियम से शुरू हुआ था और 20 फरवरी 2025 से लागू हुआ था। इसके तहत चीनी पर्यटकों को 14 दिनों तक रुकने की अनुमति थी, जो एक साल तक मान्य रहती थी। राजनीतिक और सुरक्षा चिंताओं के कारण 2009 से ही चीन को गुआम-सीएनएमआई वीजा छूट कार्यक्रम से बाहर रखा गया था।

आर्थिक नुकसान बनाम सुरक्षा प्राथमिकता
डीएचएस ने माना कि चीनी पर्यटकों पर निर्भर सीएनएमआई के व्यवसायों और यात्रा करने के इच्छुक लोगों को नुकसान हो सकता है, लेकिन इससे जुड़े गंभीर जोखिम कहीं अधिक बड़े हैं। जो लोग वास्तव में यात्रा करना चाहते हैं, वे नियमित अमेरिकी वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस रोक के बाद पुरानी ‘पैरोल नीति’ फिर से लागू नहीं होगी। रिपब्लिकन सीनेटर माइक ली ने इस कदम का स्वागत करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, “अमेरिका, सीसीपी के लिए नागरिकता हथियाने की कोई नर्सरी नहीं है।” सीनेटर माइक ली, रिक स्कॉट, जॉन कॉर्निन और बिल कैसिडी ने अप्रैल में ही इस कार्यक्रम को खत्म करने की मांग की थी। यह फैसला ट्रंप प्रशासन की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद वीजा जांच को सख्त बनाना और बर्थ टूरिज्म पर लगाम लगाना है।

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