जींद: नशे के खिलाफ जींद पुलिस ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़े स्तर पर "ऑपरेशन आक्रमण" चलाया. इस विशेष अभियान का उद्देश्य जिले में सक्रिय नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ना और अवैध गतिविधियों को रोकना था. इस बारे में उप पुलिस अधीक्षक नरवाना कमलदीप राणा ने प्रेसवार्ता कर जानकारी दी. कमलदीप राणा ने बताया कि यह अभियान योजनाबद्ध तरीके से चलाया गया, ताकि नशा कारोबार से जुड़े लोगों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके.
400 पुलिसकर्मियों की संयुक्त कार्रवाई: कमलदीप राणा ने कहा कि, "अभियान के तहत करीब 400 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की संयुक्त टीमों ने एक साथ पांच चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों जैसे - गांव लोहचब, गांव आफताबगढ़, डेरा सच्चा सिंह, संडिल और शहर नरवाना की चमेला कॉलोनी में तलाशी अभियान चलाया. अलग-अलग थाना क्षेत्रों की टीमों को पूर्व निर्धारित योजना के तहत तैनात किया गया था, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न किया जा सके." अभियान का नेतृत्व डीएसपी कमलदीप राणा, डीएसपी उचाना संजय कुमार और डीएसपी सफीदों गौरव शर्मा ने किया.
संदिग्ध सामान जब्त, बिजली विभाग की कार्रवाई: तलाशी के दौरान दो लैपटॉप, एक कार और छह मोटरसाइकिलें संदिग्ध अवस्था में पाई गईं, जिन्हें नियमानुसार कब्जे में लिया गया. इसके साथ ही बिजली विभाग की टीम ने चमेला कॉलोनी में जांच के दौरान 10 चालान काटे और करीब तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया. अभियान में डॉग स्क्वाड, बिजली विभाग और स्थानीय लोगों का भी सक्रिय सहयोग लिया गया, जिससे तलाशी प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा सका.
नशा तस्करों को सख्त चेतावनी: डीएसपी कमलदीप राणा ने कहा कि, "जिले में अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नशा तस्करों द्वारा अर्जित अवैध संपत्ति और अवैध निर्माणों की भी गहन जांच की जा रही है, जिन पर अलग से कानूनी कार्रवाई जारी है. पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कई तस्करों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है और भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी."
जनता से सहयोग की अपील: पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी नशा बेचने या सेवन करने की सूचना मिले तो तुरंत नजदीकी थाना में जानकारी दें. सूचना देने वाले का नाम पूर्णत: गोपनीय रखा जाएगा. पुलिस का संकल्प है कि लगातार प्रहार कर नशे के नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए और समाज को सुरक्षित, स्वस्थ व नशामुक्त बनाया जाए.