Saturday, July 04, 2026
BREAKING
मैं पंजाब CM पद की रेस में नहीं, चन्नी के बवाल के बीच वडिंग की सफाई; बताया अपना उद्देश्य पंजाब: 15 साल तक फरार रहने वाले हेड कांस्टेबल को अपहरण मामले में 5 साल की सजा, सीबीआई ने किया था गिरफ्तार पंजाब: 15 साल तक फरार रहने वाले हेड कांस्टेबल को अपहरण मामले में 5 साल की सजा, सीबीआई ने किया था गिरफ्तार 'डबल-इंजन' सरकार के बिना राज्य को 'खुशहाल पंजाब' बनाना मुमकिन नहीं: ढिल्लों चुनाव के पहले बहबल कलां फायरिंग मामले को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी उठाती हैं: परमबंस सिंह रोमाना पंजाब पुलिस की कार्रवाई, बाइकों के 150 मॉडिफाइड साइलेंसर किए गए नष्ट हरियाणा उभर रहा है नए बिजनेस और स्टार्टअप्स के प्रमुख हब के रूप में: मुख्यमंत्री सैनी राहुल गांधी का "छात्रों की गूंज" अभियान युवाओं के भविष्य की लड़ाई है: राव नरेंद्र सिंह बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए लोगों को सीवी आंदोलन करने पर मजबूर कर रही है सरकार : कुमारी सैलजा पद्म पुरस्कारों के लिए 31 जुलाई तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

राष्ट्रीय

'जियो और जीने दो' की प्रेरणा किसी ने दी है तो वह भारत की भूमि ने दी: CM Yogi

23 नवंबर, 2025 06:29 PM

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि युद्ध का मैदान भी हमारे लिए ‘‘धर्मक्षेत्र'' है और जहां धर्म व कर्तव्य होगा, वहीं जय होनी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत की उपस्थिति में रविवार को यहां जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित ‘दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव' को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘पूरे भारत को हमने धर्मक्षेत्र माना, इसलिए युद्ध का मैदान भी हमारे लिए धर्मक्षेत्र ही है।'' मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कर्तव्यों से जुड़ा क्षेत्र है और धर्मक्षेत्र में जो युद्ध लड़ा जा रहा है, वह कर्तव्यों के लिए लड़ा जा रहा है। यही भाव सामने आता है तो अंत में परिणाम यह होता है कि जहां धर्म और कर्तव्य होगा, वहीं विजय होगी, इससे इतर कुछ नहीं हो सकता।

‘‘किसी को गुरुर नहीं पालना चाहिए
योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘किसी को गुरुर नहीं पालना चाहिए कि अधर्म के मार्ग पर चलकर विजय प्राप्त हो जाएगी। यह भारत के सनातन धर्म की परंपरा है कि प्रकृति का अटूट नियम है, सदैव से यही होता आया है। इसलिए हमें हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए।'' उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया के अंदर कोई जगह नहीं होगी, जहां युद्ध का मैदान धर्मक्षेत्र के रूप में जाना जाता हो, लेकिन हमारे यहां हर कर्तव्य को पवित्र भाव से माना गया है।

‘भारत ने विश्व मानवता को प्राचीन काल से संदेश दिया
मुख्यमंत्री ने नसीहत देते हुए कहा, ‘‘अच्छा करेंगे तो पुण्य के भागीदार बनेंगे और बुरा करेंगे तो पाप के भागीदार बनेंगे। ऐसा जब हर धर्मावलंबी सोचता है तो वह अच्छा करने का प्रयास करता है।'' योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘भारत ने विश्व मानवता को प्राचीन काल से संदेश दिया है। हमने कभी यह नहीं कहा कि हम जो कह रहे वही सही है, हमारी ही उपासना विधि सर्वोत्तम है। हमने सब कुछ होते हुए भी कभी अपनी श्रेष्ठता का डंका नहीं पीटा।'' उन्होंने कहा, ‘‘जो आया उसे शरण दिया, जिसके ऊपर विपत्ति आई, उसके साथ खड़े हो गए। 'जियो और जीने दो' की प्रेरणा किसी ने दी है तो वह भारत की भूमि ने दी है।

'वसुधैव कुटुंबकम्' की प्रेरणा भी भारत की धरती ने ही दी
'वसुधैव कुटुंबकम्' की प्रेरणा भी भारत की धरती ने ही दी है।'' आयोजन के मुख्य वक्ता स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि लोगों के मन में सवाल हो सकता है कि आयोजन का प्रयोजन क्या है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी प्रकार का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि प्रेरणा है और जियो गीता संस्था एक आह्वान है। स्वामी ज्ञानानंद ने कहा, ‘‘जियो गीता, गीता के साथ जीने की आदत बनाने की प्रेरणा है।

भौतिकवाद ने कई संसाधन दिए हैं...समस्याएं भी तेजी से बढ़ी हैं
समय की आवश्यकता है और भौतिकवाद ने कई संसाधन दिए हैं, लेकिन इसके साथ समस्याएं भी तेजी से बढ़ी हैं। पूरे विश्व में अलग-अलग प्रकार से महाभारत फिर से दिखाई दे रहा है। समाधान क्या है? उस महाभारत में गीता का उपदेश दिया गया था।'' कार्यक्रम के मुख्य आयोजक, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी मणि प्रसाद मिश्र ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर गीता और गोविंद के माध्यम से कल्याण और लोक भावना से प्रेरित संत परंपरा के अद्भुत रत्न स्वामी ज्ञानानंद जी का संकल्प है कि इस देश में ही नहीं, अपितु समस्त धरा मंडल पर गीता न केवल पढ़ी और समझी जाए, बल्कि गीता को गुनगुनाते हुए यह लोक दोबारा भवसागर में न पड़े। यह पूरा प्रदेश गीतामय और गोविंदमय हो जाए।

मिश्र ने कहा, ‘‘गीता सब कुछ है। गुरुवर के संकल्प से एक दिसंबर को गीता जयंती पर सभी लोग 11 बजे एक साथ गीता पाठ करेंगे। अगले वर्ष 20 दिसंबर, 2026 को गीता जयंती है और उस दिन पूरे प्रदेश में एक मिनट एक साथ 11 बजे गीता पाठ होगा। शासन और समाज नदी की सफाई में सहयोग करेंगे।'' इसके पहले मोहन भागवत के समारोह में पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वामी ज्ञानानंद समेत कई संतों ने उनका स्वागत किया। 

 

Have something to say? Post your comment

और राष्ट्रीय खबरें

यूपी को उत्तम प्रदेश बनाने की कार्यकर्ताओं की हुंकार, 2027 में फिर खिलेगा कमल : नितिन नवीन

यूपी को उत्तम प्रदेश बनाने की कार्यकर्ताओं की हुंकार, 2027 में फिर खिलेगा कमल : नितिन नवीन

प्रधानमंत्री मोदी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, बोले- संकट में भी जनता पर नहीं पड़ने दिया बोझ

प्रधानमंत्री मोदी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, बोले- संकट में भी जनता पर नहीं पड़ने दिया बोझ

उपभोक्ता शिकायत प्रक्रिया को डिजिटल बना रही है ई-जागृति: प्रधानमंत्री मोदी

उपभोक्ता शिकायत प्रक्रिया को डिजिटल बना रही है ई-जागृति: प्रधानमंत्री मोदी

रक्षा निर्यात 38 हजार करोड़ रुपए के पार, राजनाथ सिंह ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

रक्षा निर्यात 38 हजार करोड़ रुपए के पार, राजनाथ सिंह ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

ऊर्जा संकट के बीच भारत ने दिखाई क्षमता, विपक्ष अफवाह फैलाने में व्यस्त था: पीएम मोदी

ऊर्जा संकट के बीच भारत ने दिखाई क्षमता, विपक्ष अफवाह फैलाने में व्यस्त था: पीएम मोदी

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत गणना प्रपत्र किया जमा, मतदाताओं से सहयोग की अपील

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत गणना प्रपत्र किया जमा, मतदाताओं से सहयोग की अपील

केंद्र सरकार ने 23 और व्यक्तियों को ‘आतंकवादी’ घोषित किया, अमित शाह बोले- हर आतंकी मॉड्यूल को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है मोदी सरकार

केंद्र सरकार ने 23 और व्यक्तियों को ‘आतंकवादी’ घोषित किया, अमित शाह बोले- हर आतंकी मॉड्यूल को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है मोदी सरकार

भारत-इजराइल द्विपक्षीय निवेश समझौता आज से लागू, आर्थिक साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती

भारत-इजराइल द्विपक्षीय निवेश समझौता आज से लागू, आर्थिक साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती

प्रधानमंत्री मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का किया उद्घाटन, संशोधित ‘उड़ान’ योजना लॉन्च

प्रधानमंत्री मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का किया उद्घाटन, संशोधित ‘उड़ान’ योजना लॉन्च

भारत ने जारी किया पहला मेड-इन-इंडिया एक्जिम शिपिंग कंटेनर, मर्स्क ने दिए 1,000 और ऑर्डर, समुद्री आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

भारत ने जारी किया पहला मेड-इन-इंडिया एक्जिम शिपिंग कंटेनर, मर्स्क ने दिए 1,000 और ऑर्डर, समुद्री आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम