नई दिल्ली भारत ने रूस से तेल खरीद पर अमरीका में आए नए बिल पर कड़ा रुख अपनाया है। अमरीका उन देशों पर 500 फीसदी तक जुर्माना लगाने की तैयारी में है, जो रूस से तेल खरीदते हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में साफ किया है कि भारत की ऊर्जा नीति किसी दबाव में नहीं बदलेगी। हम अपनी 140 करोड़ जनता के हितों की रक्षा के लिए सस्ते ईंधन के स्रोत तलाशते रहेंगे। इसके साथ ही भारत ने बांग्लादेश में जारी सांप्रदायिक हिंसा पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। वहां अल्पसंख्यकों और उनके घरों पर बार-बार हमले हो रहे हैं। भारत ने इसे एक खतरनाक पैटर्न करार दिया है। दोषियों को सजा देने के बजाय उन्हें बचाना ठीक नहीं है। भारत अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत सरकार अमरीका के ‘सैंक्शनिंग रशिया एक्ट 2025’ पर पैनी नजर रखे हुए है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमारी ऊर्जा खरीद की नीति पूरी तरह स्पष्ट है। हम ग्लोबल मार्केट के उतार-चढ़ाव और अपनी जरूरतों के हिसाब से फैसला लेते हैं। भारत किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र है। हमारी प्राथमिकता सस्ती ऊर्जा के जरिए देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए दुनिया के हर बाजार को टटोल रहा है। हम 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता नहीं कर सकते।
भारत और अमरीका के बीच व्यापार समझौते को लेकर उपजे विवाद पर विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को अपनी स्थिति स्पष्ट की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच दोस्ताना संबंध हैं और उन्होंने हमेशा राजनयिक नियमों के अनुसार एक-दूसरे को आपसी सम्मान के साथ संबोधित किया है। अमरीकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक के उस दावे को भारत ने गलत बताया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप से सीधे बात न करने के कारण समझौता नहीं हो सका। रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि बातचीत किसी व्यक्तिगत संवाद की कमी की वजह से रुकी है। दोनों पक्ष पिछले साल फरवरी से कई दौर की बातचीत कर चुके हैं और हम एक संतुलित समझौते के बेहद करीब हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 2025 में अब तक आठ बार फोन पर बातचीत हो चुकी है। भारत दोनों पूरक अर्थव्यवस्थाओं के बीच संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते के लिए प्रतिबद्ध है।