चेन्नई : फिल्मों में किसी किरदार को निभाना सिर्फ कैमरे के सामने अभिनय करना नहीं होता, बल्कि उस किरदार की सोच, रहन-सहन और बोलने के तरीके को पूरी तरह अपनाना भी होता है। कई कलाकार अपने किरदार को असली दिखाने के लिए महीनों तक तैयारी करते हैं। अभिनेत्री हंसिका मोटवानी भी इन दिनों कुछ ऐसी ही मेहनत करती नजर आ रही हैं। वह नई वेब सीरीज 'गली' में अपने किरदार के लिए हैदराबाद की खास बोली और लहजे को सीखने पर काम कर रही है। अपने किरदार की तैयारी को लेकर हंसिका मोटवानी ने कहा, ''मुझे इस किरदार के लिए डायलॉग्स बोलने के तरीके पर सबसे ज्यादा काम करना पड़ा। सीरीज की कहानी हैदराबाद के पुराने शहर और चारमीनार इलाके के आसपास की दुनिया को दिखाती है, इसलिए मेरे लिए वहां की बोली को सही तरीके से समझना बेहद जरूरी था। मैं चाहती हूं कि मेरे डायलॉग्स बिल्कुल असली लगें और दर्शकों को ऐसा महसूस हो कि मेरा किरदार उसी माहौल का हिस्सा है।''
हंसिका मोटवानी ने कहा, ''मैंने किसी डायलॉग ट्रेनर की मदद नहीं ली। मैंने खुद मेहनत करके अपनी तैयारी की। हालांकि, पूरी टीम साथ बैठकर कई बार वर्कशॉप करती थी, ताकि हर डायलॉग और हर शब्द सही तरीके से बोला जा सके। टीम के साथ बैठकर बार-बार डायलॉग्स पढ़ने और बोलने से मुझे काफी मदद मिली। इससे भाषा की बारीकियों को समझने का मौका मिला।''
हंसिका ने आगे कहा, ''यह अनुभव मेरे लिए बिल्कुल नया था। मैंने पहले कभी इस तरह की बोली या लहजे में काम नहीं किया। यही वजह थी कि शुरुआत में मुझे काफी प्रैक्टिस करनी पड़ी। किसी खास बोली में अभिनय करना आसान नहीं होता, क्योंकि अगर एक छोटा सा शब्द भी गलत बोल दिया जाए तो वह तुरंत लोगों को महसूस हो जाता है। छोटी सी गलती भी दर्शकों के तुरंत पकड़ में आ जाती है, इसलिए मैं हर शब्द के उच्चारण और बोलने के अंदाज को लेकर बहुत सावधान रहती थी।''
उन्होंने कहा, ''इस किरदार को निभाते समय मैं यह भी समझने की कोशिश कर रही थीं कि उस इलाके के लोग कैसे बात करते हैं, कैसे अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं और किस तरह का लहजा इस्तेमाल करते हैं। जब तक कलाकार किरदार की भाषा को सही तरीके से नहीं समझता, तब तक वह उस किरदार के साथ पूरी तरह न्याय नहीं कर सकता।''