मेघालय के उमरोई सैन्य स्टेशन में मंगलवार को बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘प्रगति-2026’ का शुभारंभ हुआ। इस अभ्यास में भारत सहित 12 मित्र देशों की सेनाएं भाग ले रही हैं। भारतीय सेना ने सभी विदेशी सैन्य टुकड़ियों का पारंपरिक और गर्मजोशी से स्वागत किया।
12 मित्र देशों की सेनाएं ले रहीं हिस्सा
इस सैन्य अभ्यास में भूटान, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, फिलीपींस, सेशेल्स, श्रीलंका और वियतनाम की सैन्य टुकड़ियां भाग ले रही हैं। यह अभ्यास क्षेत्रीय सहयोग और सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
क्षेत्रीय सहयोग और आपसी सम्मान पर जोर
‘प्रगति’ यानी “हिंद महासागर क्षेत्र में विकास और परिवर्तन के लिए क्षेत्रीय सेनाओं की साझेदारी” समानता, मित्रता और आपसी सम्मान की भावना पर आधारित है। यह मंच भाग लेने वाली सेनाओं को अनुभव साझा करने, पेशेवर आदान-प्रदान करने और आपसी सैन्य संबंध मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है।
उद्घाटन समारोह में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
उद्घाटन समारोह में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। भारतीय सेना के अपर महानिदेशक (इन्फैंट्री) मेजर जनरल सुनील शेओरान ने सभी प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रतिभागियों से खुलेपन, आपसी सम्मान और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने की भावना के साथ अभ्यास में शामिल होने का आह्वान किया।
आतंकवाद-रोधी अभियानों पर रहेगा फोकस
दो सप्ताह तक चलने वाले इस अभ्यास में अर्ध-पहाड़ी और जंगल क्षेत्रों में आतंकवाद-रोधी अभियानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में संयुक्त योजना अभ्यास, सामरिक स्तर के अभियान और समन्वित सैन्य संचालन शामिल होंगे।
इस दौरान सैनिकों की अनुकूलन क्षमता, सहनशक्ति और सामरिक दक्षता को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में संचालन के दौरान शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और तालमेल को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
आत्मनिर्भर भारत की झलक भी दिखेगी
अभ्यास के दौरान भारतीय प्रौद्योगिकी और रक्षा कंपनियां ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत विकसित स्वदेशी रक्षा उपकरणों और तकनीकी नवाचारों का प्रदर्शन करेंगी। इससे भाग लेने वाले देशों के बीच ज्ञान साझा करने और रक्षा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मिलेगा बल
अभ्यास ‘प्रगति-2026’ से क्षेत्रीय भागीदार देशों के बीच सैन्य सहयोग और पेशेवर संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके जरिए साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक समन्वित और सामूहिक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद मिलेगी।