हमीरपुर : राज्य सरकार केंद्र की वित्तीय मदद पर राजनीति कर रही है। प्रदेश में विकास कार्य केवल केंद्र की भाजपा सरकार के भरपूर सहयोग से ही संभव हो पा रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के मुंह से आजतक केंद्र के प्रति आभार का एक शब्द भी नहीं निकला है। यह बात नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रैस बयान में कही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश में जहां भी जा रहे हैं, वहां केंद्र से मिली सौगातों और बजटीय सहायता के सहारे ही अपनी राजनीति चमकाने का प्रयास कर रहे हैं। सड़कों के निर्माण, रखरखाव व बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अरबों रुपए की वित्तीय मदद सीधे केंद्र से मिली है। वहीं राज्य में जिन परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन किए जा रहे हैं उनका शत-प्रतिशत बजट केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत है।
उन्होंने राज्य की आर्थिक बदहाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की हालत इतनी दयनीय हो चुकी है कि वह धर्मशाला केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए आवश्यक 30 करोड़ रुपए की राशि और रेलवे प्रोजैक्ट्स के लिए अपना 10 प्रतिशत का अनिवार्य अंशदान तक देने में पूरी तरह असमर्थ साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि 4 वर्षों में सड़कों की खस्ताहाल स्थिति किसी से छिपी नहीं थी, जिसे अब केंद्र से मिल रहे फंड की बदौलत सुधारा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत व्यापक सड़क नैटवर्क बिछाया गया है। उन्होंने कहा कि फोरलेन के विस्तार से न केवल स्थानीय निवासियों को सुरक्षित और सुगम यातायात की सुविधा मिली है, बल्कि रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे पर्यटकों से स्थानीय कारोबारियों और राज्य की अर्थव्यवस्था को संबल मिला है।
उन्होंने अपने हालिया दिल्ली दौरे का जिक्र करते हुए बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ बैठक कर हिमाचल की सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की गई है, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने रामपुर विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार 232.93 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की बात कर रही है, जो पूरी तरह से केंद्र की सहायता पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि शिमला संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद सुरेश कश्यप के प्रयासों से इन सड़क परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, लेकिन कांग्रेस सरकार केवल फीता काटने और राजनीति करने तक सीमित है।