नई दिल्ली। 434 रन से अपने टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत हासिल करने के बाद भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने खिलाडिय़ों की जमकर तारीफ की। रोहित ने किसी भी तरह की पिच पर टीम की जीतने की क्षमता पर जोर दिया, जिसमें रैंक टर्नर भी शामिल हैं। राजकोट में पिच क्यूरेटर्स ने एक फ्लैट ट्रैक बनाया था, जहां बैजबॉल का डंका पीटने वाले अंग्रेज फंस गए। भारत ने एक फ्लैट पिच पर इंग्लैंड के सामने 557 रन का लक्ष्य रखा था, जिसके जवाब में पूरी टीम महज 122 रन पर ढेर हो गई। रोहित शर्मा ने कहा, हम पहले भी ऐसे ही विकेट पर कई मैच जीत चुके हैं। हमारी ताकत टर्निंग ट्रैक और स्पिन फ्रेंडली विकेट पर बढ़ जाती है। टीम को संतुलन भी मिलता है, लेकिन यहां कहानी अलग थी, जिसे हमने चैलेंज की तरह लिया और बखूबी पूरा किया। हमने अतीत में लगातार परिणाम हासिल किए हैं और हम भविष्य में भी ऐसा करना जारी रखेंगे।
अब तो मार ही नहीं रहे; भीगी बिल्ली बने अंग्रेज, तो खुद को कटाक्ष करने से नहीं रोक पाए बुमराह
राजकोट। इस बात में कोई दोराय नहीं है कि ब्रेंडन मैकुलम के हेड कोच बनने के बाद इंग्लैंड की टीम बेखौफ क्रिकेट खेल रही है। हर टीम उनके खिलाफ जूझी है, लेकिन भारत दौरे पर परिस्थितियों की वजह से इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा था। पहले टेस्ट में जीत के बाद इंग्लैंड का कॉन्फिडेंस काफी हाई हो गया। लेकिन यह जल्द ही ओवर कॉन्फिडेंस में बदल गया। उनके खिलाड़ी अलूल-जलूल बातें बोलने लगे। विशाखापत्तनम में जेम्स एंडरसन ने कहा कि हम तो 600 का टारगेट भी चेज कर देंगे। विशाखापत्तनम में इंग्लिश टीम 400 का टारगेट नहीं चेज कर पाई थी। राजकोट में लक्ष्य 557 का था। इंग्लैंड के खिलाड़ी जिस तरह की बातें पहले कर रहे थे उससे तो यही लग रहा था कि वह कुटाई के माइंडसेट से उतरेंगे। जब इंग्लैंड की दूसरी पारी के 11वें ओवर को की अंतिम गेंद को जो रूट ने डिफेंड किया। बुमराह की कटर गेंद को उन्होंने सम्मान के साथ खेला। उस समय टीम का स्कोर तीन विकेट पर 28 रन था। इंग्लैंड की ऐसी बैटिंंग देखकर बुमराह से नहीं रहा गया। मजे लेते हुए भारतीय तेज गेंदबाज ने कहा, अब तो मार ही नहीं रहे हंै।