यूपी के आगरा में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी का अजब मामला सामने आया है। यहां एक बाइक का 156 बार चालान कट चुका है और करीब डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लग चुका है। इस बाइक की मौजूदा कीमत करीब 38 हजार रुपए है। यानी बाइक की कीमत से चार गुना से ज्यादा जुर्माना लगाया जा चुका है। यह मामला बताता है कि कैमरे लगातार चालान काटते रहे, लेकिन चालक बेखौफ होकर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए वाहन दौड़ता रहा। अब ऐसे आदतन नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी है।
पिछले पांच वर्ष (2021 से 2026) में इस दोपहिया वाहन के 156 चालान हुए। ये चालान प्रमुख चौराहों पर लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरों से हुए हैं। ये कैमरे किसी पुलिसकर्मी की मौजूदगी के बिना रेड लाइट जंप करना, जेब्रा क्रॉसिंग पार करना और बिना हेलमेट जैसे नियमों के उल्लंघन पर सीधे सर्वर से चालान जनरेट कर देते हैं।
एआरटीओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि ये चालान पूरी तरह ऑनलाइन होते हैं और वाहन स्वामी के मोबाइल पर केवल एसएमएस भेजा जाता है। इसलिए कई रसूखदार या बेखौफ वाहन चालक संदेश को नजरअंदाज कर गाड़ी सड़कों पर दौड़ाते रहते हैं। जब तक पुलिस मौके पर वाहन रोककर जांच नहीं करती, तब तक कैमरे हर बार नियम तोड़ने पर चालान जोड़ते जाते हैं। इसी वजह से पिछले कुछ वर्षों में इस वाहन पर यह संख्या 156 तक पहुंच गई है।
नियम तोड़ने वालों की ब्लैक लिस्ट तैयार
जिले में बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले ‘अभ्यस्त अपराधियों’ की ब्लैक लिस्ट तैयार की गई है। इस सूची में सामने आए आंकड़े न केवल चौंकाने वाले हैं, बल्कि कानून का मखौल उड़ाने की पराकाष्ठा भी दर्शाते हैं। परिवहन विभाग की खंगाली गई सूची में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए हैं। फिलहाल 654 वाहनों को रजिस्ट्रेशन निरस्तीकरण के नोटिस भेजे गए हैं। शहर के कई वाहन चालकों के लिए ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना, बिना हेलमेट वाहन चलाना और नो-पार्किंग में गाड़ी खड़ी करना रोज की आदत बन चुकी है। अब इनके खिलाफ सीधे एफआईआर होगी।
एआरटीओ प्रशासन विनय कुमार सिंह के अनुसार यह नोटिस अंतिम चेतावनी है। यदि तय समय के भीतर वाहन स्वामियों ने अपने लंबित चालानों का भुगतान नहीं किया, तो वाहनों का रजिस्ट्रेशन हमेशा के लिए ब्लॉक कर दिया जाएगा। इसके बाद भी यदि वाहन सड़क पर चलते मिले, तो उन्हें जब्त करने के साथ वाहन मालिकों पर जालसाजी और कानून के उल्लंघन की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
ऐसे निकलती है वाहन की वैल्यू
परिवहन या पुलिस विभाग किसी भी पुरानी गाड़ी की कीमत अपने मन से तय नहीं करता। इसके लिए एक वैज्ञानिक और कानूनी तरीका अपनाया जाता है, जिसे इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू (आईडीवी) कहा जाता है। शोरूम से बाहर निकलने के बाद चलते-चलते समय के साथ वाहन की कीमत घटने लगती है। भारतीय कानून के अनुसार गाड़ी की उम्र के आधार पर उसकी कीमत में कमी की जाती है।
इन वाहनों पर सर्वाधिक चालान
यूपी 80 वीजे 6731 (पैशन प्रो) – 156 चालान
यूपी 80 ईबी 3584 (एक्सएल-100) – 99 चालान
यूपी 80 सीएक्स 4012 (स्प्लेंडर प्रो) – 90 चालान
यूपी 80 ईसी 2596 (एक्टिवा) – 76 चालान
यूपी 80 सीटी 8714 (थ्री-व्हीलर) – 71 चालान
यूपी 80 ईपी 7492 (एक्टिवा 5जी) – 60 चालान
यूपी 80 ईएस 9215 (एक्टिवा 5जी) – 56 चालान