ईरान ईरान में धार्मिक शासन के खिलाफ चल रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शन अब अपने दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुके हैं।हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 116 हो गई है। यह जानकारी मानवाधिकार संगठनों ने दी है।अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, अब तक 2,600 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ईरान सरकार ने अपने तेवर और तीखे कर दिए। देश के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदर्शनों में शामिल लोगों को ईश्वर का दुश्मन माना जाएगा। ईरान के कानून में यह आरोप मृत्युदंड तक ले जा सकता है।
- इन प्रदर्शनों की शुरुआत 28 दिसंबर को रियाल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने के बाद तेहरान के बाजारों से हुई।
- रियाल की कीमत एक डॉलर के मुकाबले 14 लाख तक पहुंच गई।
- व्यापारियों ने आसमान छूती महंगाई के खिलाफ दुकानें बंद कर प्रदर्शन शुरू किया।
- हालात तब और बिगड़े जब खाने के तेल, चिकन जैसी जरूरी चीजों की कीमतें रातोंरात बढ़ गईं और कई सामान बाजार से गायब हो गए।
- महंगाई, बेरोजगारी और प्रतिबंधों से त्रस्त लोग सड़कों पर उतरे।
- सरकार द्वारा सस्ती डॉलर व्यवस्था खत्म करने के फैसले ने आग में घी डालने का काम किया।
- धीरे-धीरे नारों का रुख आर्थिक मांगों से हटकर राजनीतिक बदलाव की ओर हो गया।
- अब तक ये प्रदर्शन सभी 31 प्रांतों में फैल चुका हैं।