धर्मशाला: पर्यटन व खेल नगरी धर्मशाला में प्रस्तावित बड़ा और महत्त्वाकांक्षी स्पोट्र्स प्रोजेक्ट हाई एल्टीट्यूड स्पोट्र्स ट्रेनिंग सेंटर ठंडे बस्ते में चला गया है। धर्मशाला में बनने वाले हाई एल्टीट्यूड स्पोट्र्स ट्रेनिंग सेंटर के लिए भूमि संबंधि तमाम सारी औपचारिक्ताएं फाइनल की जा चुकी हैं, लेकिन सरकार की ओर से इस पर कोई सकारात्मक पहल न होने से यह बड़ा प्रोजेक्ट केंद्र और प्रदेश सरकार की फाइलों में दफन होकर रह गया है। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला मुख्यालय धर्मशाला की इंद्रुनाग पहाड़ी पर चोला-भंगड़ोटू में देश के पहले हाई एल्टीट्यूड स्पोट्र्स ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण किया जाना था।
इसके लिए भारतीय खेल प्राधिकरण ने सैद्धांतिक मंजूरी भी दे दी है। स्पोट्र्स ट्रेनिंग सेंटर में भारतीय खेल प्राधिकरण की ओर से 400 मीटर सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, खेल विज्ञान केंद्र, खेल चिकित्सा केंद्र, पुनर्वास केंद्र, बहु-उद्देश्यीय हाल, इंडोर जिम के अलावा 300 बिस्तरों वाले छात्रावास का निर्माण किया जाना प्रस्तावित था। सात साल बीत जाने के बाद भी यह प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया है। धौलाधार की पहाडिय़ों में इंद्रुनाग के साथ लगते क्षेत्र चोहला व बनगोटू समुद्र तल से 1700 से 1900 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां एथलेटिक्स ट्रैक संग हाकी का एस्ट्रोटर्फ भी बनाना प्रस्तावित है।
अनुराग ठाकुर ने मंत्री रहते किया था सेंटर का ऐलान
2017 में धर्मशाला में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने धर्मशाला को स्पोट्र्स सिटी बनाने के लिए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के बाद अब वह धर्मशाला में दुनिया का सबसे बेहतरीन हाई परफार्मेंस एंड हाई एल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर बनवाएंगे। उनके ऐलान के बाद जिला युवा सेवाएं एवं खेल विभाग ने प्रोपोजल बनाकर मंजूरी के लिए भेजा और साई के अधिकारी के साथ चोला भंगोटू में 27 एकड़ भूमि का चयन किया था, लेकिन आज तक यह प्रोजेक्ट धरातल पर नहीं उतर पाया है। आलम यह है कि फाइनल सरकार की इच्छा शक्ति और इशारे का इंतजार कर रही है।